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CornFlour Kya Hota Hai: कॉर्नफ्लोर क्या होता है? एवं उनसे फायदे और नुकसान

Corn Flour in Hindi

विश्व भर में कई तरह के अनाज पाए जाते हैं और सबसे अच्छी बात तो यह है, कि विश्व भर में जितने भी अनाज पाए जाते हैं उन सभी के अलग-अलग फायदे होते हैं।

आज हम आपको ऐसे ही एक अनाज के बारे में बताने वाले है। जिसका उपयोग कई तरह के डिशेस बनाने में किया जाता है और यह काफी फ़ायदेमंद होता है। मक्का नामक इस अनाज का उपयोग स्टार्च के रूप में यानी कि Corn Flour in Hindi मक्के के आटे (कॉर्नफ्लोर) के रूप में किया जाता है।

Corn Flour Hindi

  • कॉर्न फ्लोर को हिंदी में क्या बोलते हैं: – मक्के का आटा
  • Corn Flour Ko Hindi Mein Kya Kahate Hain:- मक्के का आटा
  • कॉर्नफ्लोर किससे बना होता है? What is corn flour made from?
  • सफेद कॉर्नफ्लोर का हिंदी में क्या रहते हैं? What is white corn flour in hindi?
  • क्या कॉर्नफ्लोर और कॉर्नस्टार्च एक ही हैं? Is corn flour and cornstarch same?

What is Corn Flour? कॉर्नफ्लोर में पाए जाने वाले पोषक तत्व

क्र. म. पोषक तत्व पोषक तत्वों की मात्रा
1. एनर्जी 44 कैलोरीज
2. प्रोटीन 1.1 ग्राम
3. कार्बोहाइड्रेट 9.1 ग्राम
4. फैट 0.5 ग्राम
5. फाइबर 1.2 ग्राम
6. विटामिन बी 1 (थियामाइन) 0.17 mg
7. विटामिन बी 2 (राइबोफ्लेविन) 0.09 mg
8. विटामिन बी 3 (नियासिन) 1.17 mg
9. फोलेट विटामिन बी 9 27.9 एमसीजी
10. कैल्शियम 16.9 mg
11. आयरन 0.86 mg
12. मैग्नीशियम 13.2 mg
13. फॉस्फोरस 26.7 mg
14. जिंक 0.22 mg
15. पोटैशियम 35.7 mg

तो आइए दोस्तों आज हम जानते हैं, कि मक्के के आटे यानी कि कॉर्नफ्लोर के क्या-क्या फायदे हैं और इसका उपयोग कैसे किया जाता है।

कॉर्नफ्लोर और मक्के के आटे में अंतर:

मक्का के आटे से कॉर्नफ्लोर थोड़ा सा अलग होता है, क्योंकि यह मक्के के दाने को अच्छी तरह से सुखाकर और पीसकर बनाया जाता है। बता दूं कि मक्के का आटा ज्यादातर पीला होता है और यह दरदरा या बारीक पिसा होता है। जबकि कॉर्नफ्लोर या कॉर्नस्टार्च मक्के का स्ट्रॉच होता है यानी कि कॉर्नफ्लोर बनाने के लिए मक्के के दानों को छीलकर हटा लिया जाता है और उसके बाद उसे पीसा जाता है। यह देखने में बिल्कुल सफेद रंग का पाउडर दिखाई देता है और इसकी बनावट बहुत ही चिकनी और स्मूद होती है। जो देखने में बिल्कुल गेहूं के आटे से बनाया गया मैदा की तरह दिखाई देता है।

CornFlour: कॉर्नफ्लोर उपयोग कैसे करे?

कॉर्नफ्लोर का इस्तेमाल रसोई घर में बनाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों में किया जाता है। इसके अलावा इसका प्रयोग कुछ बीमारियों को ठीक करने के लिए मेडिकल थेरेपी के रूप में भी किया जाता है। तो आइए थोड़ी गहराई से जानते हैं, कि कॉर्नफ्लोर का उपयोग किस किस चीजों के लिए किया जाता है।

जब भी आप दूध को गाढ़ा करके कुछ डिसेज़ बनाना चाहते हैं, तब आप कॉर्नफ्लोर का इस्तेमाल कर सकते हैं क्योंकि दूध पतला होने की वजह से वह जल्दी गाढ़ा नहीं हो पाता है। इसलिए दूध में थोड़ा सा कॉर्नफ्लोर मिलाकर दूध को आसानी से गाढ़ा किया जा सकता है और इसे आप मनचाहे डिसेज़ तैयार कर सकते है।

  • कोफ्ता, कटलेट या इसी तरह की कुछ भी डीप फ्राई डिसेज़ बनाने हो, तो इसे अच्छी तरह से बांधने के लिए कॉर्नफ्लोर का इस्तेमाल किया जाता है। इससे कोफ्ता इत्यादि अच्छे से बन जाते हैं और तेल में जाकर टूटते भी नहीं है।
  • कॉर्नफ्लोर को अरारोट का सब्सीट्यूट भी कहा जाता है। यानी कि यदि किसी वस्तु को बनाने में अरारोट का इस्तेमाल किया जाता है और यदि अरारोट ना हो तो आप उसकी जगह पर कॉर्नफ्लोर का इस्तेमाल करके भी उस खाद्य पदार्थ को बना सकते हैं।
  • कॉर्नस्टार्च या कॉर्नफ्लोर का इस्तेमाल खाद्य पदार्थ ग्रुप पर करने के लिए  किया जाता है जैसे फल इत्यादि  टार्ट, पाई और अन्य डिजर्ट बनाने के लिए फलों के ऊपर पतली परत चाढ़ाने में कॉर्न फ्लोर का इस्तेमाल किया जाता है। कॉर्नस्टार्च या कॉर्नफ्लोर की पतली परत फलों के रस के साथ अच्छी तरह से मिल जाती है, जिससे यह आसानी से बेक हो सकती है।
  • जब भी कोई सॉस या सूप बनाता है। तब उसे अच्छी तरह से गाढ़ा करने के लिए कॉर्नफ्लोर का इस्तेमाल किया जाता है। इससे सुप गाढ़े हो जाते हैं और खाने में भी काफी स्वादिष्ट लगते हैं।
  • खासकर पकौड़ा या किसी भी डीप फ्राई व्यंजन को बनाने के लिए कॉर्नफ्लोर का पतला घोल में लपेटकर सेका या फ्राई किया जाता है। इससे व्यंजन बहुत अच्छे बनते हैं।
  • खाने की व्यंजन के अलावा कॉर्नफ्लोर या कॉर्नस्टार्च का उपयोग बेबी पाउडर को बनाने में भी किया जाता है। जी हां दोस्तों कॉर्नस्टार्च का इस्तेमाल बायोप्लास्टिक्स और एयर बैग बनाने में भी किया जाता है।
  • चिकित्सा में भी कॉर्नफ्लोर का इस्तेमाल कई अलग-अलग तरीकों से किया जाता है। खासकर कॉर्नफ्लोर का इस्तेमाल प्राकृतिक लैटेक्स से बने मेडिकल उत्पादों जैसे कि डायाफ्राम, कंडोम इत्यादि को बनाने में किया जाता है।
  • ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रण करने के लिए ग्लाइकोजन स्टोरेज डिजीज वाले लोगों के लिए कॉर्नफ्लोर का इस्तेमाल किया जाता है, क्योंकि इसमें ग्लूकोज की सप्लाई को नियंत्रण करने के गुण मौजूद होते हैं। इसका इस्तेमाल 6 से 12 महीने की उम्र में शुरू किया जा सकता है।

कॉर्नफ्लोर के फायदे: Benefits of Corn flour

कॉर्नफ्लोर के बहुत से फायदे होते हैं, लेकिन शायद आप उनकी फ़ायदों से अवगत नही है, तो इस लेख के जरिए आप आज के इस लेख में कॉर्नफ्लोर के बेहतरीन फायदों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

  • कॉर्नफ्लोर में ग्लूटेन नहीं पाया जाता है, इसलिए इसका इस्तेमाल वैसे लोग करते हैं, जो गेहूं और उसके बने उत्पाद जैसे कि मैदा, सूजी इत्यादि का स्टॉक रखने में सक्षम नहीं होते हैं, तो वैसे लोगों के लिए कॉर्नफ्लोर एक अच्छा विकल्प है।
  • ताज्जुब की बात तो यह है, कि कॉर्नफ्लोर में फाइबर की मात्रा काफी पाई जाती है। एक बड़ी चम्मच में लगभग 1 ग्राम फाइबर पाया जाता है, जो कि एक व्यस्क व्यक्ति के शरीर के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। इसी तरह इसमें प्रोटीन की मात्रा काफी अधिक पाई जाती है।
  • कॉर्नफ्लोर में घुलनशील फाइबर जैसे कि सेल्यूलोस एनीलोस इत्यादि के कारण पाचन शक्ति को आसान कर देता है। यानी की आंतों के लिए काफी लाभकारी होता है।

कॉर्नफ्लोर के नुकसान: Effects of Cornflour

ऐसा बिल्कुल भी नहीं है, कि कॉर्नफ्लोर में केवल फायदे ही फायदे हैं, तो दोस्तों मै बता दूँ, की कॉर्नफ्लोर में कुछ नुकसान भी है। अगर आपको नही पता है तो आप निचे दिए गए लेख को पढ़कर कॉर्नफ्लोर के नुकसान के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

  • जेनेटिक रूप से जब कॉर्नफ्लोर को संशोधित किया जाता है। तब इसमें पाए जाने वाली पोषक तत्वों की बहुत हद तक अवशोषण की प्रक्रिया को प्रभावित करती है। इसमें फाइटिंग एसिड की मात्रा काफी अधिक पाई जाती है। जिससे शरीर में मौजूद आवश्यक पोषक तत्व को अवशोषित करने और उसका इस्तेमाल करने से रोकता है।
  • नॉर्मल तरीके से उगाए जाने वाले कॉर्न जिसका प्रयोग आटा बनाने के लिए किया जाता है। उसमें पर्याप्त मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट रेसिस्टेंट टॉर्च फाइबर इत्यादि पाया जाता है। जो की शरीर के तमाम भागों को अच्छी तरह से संचालन करने में मदद करता है। लेकिन बाजार में इस्तेमाल किए जाने वाले कॉर्न जेनेटिक रूप से रिसर्च करने के बाद यह सामने आया है, कि इसमें खतरनाक कीटनाशकों का छिड़काव भी किया जाता है। क्योंकि यह मानव शरीर के लिए काफी नुक़सानदेह है। इससे यह पता चलता है, कि इसमें प्रॉक्टोस्कोप सिरप अधिक होता है। जिससे कि डायबिटीज़ हाई कोलेस्ट्रॉल और फैटी लीवर जैसी बीमारियाँ होने का खतरा रहता है।
  • कैलोरीज और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कॉर्नफ्लोर में काफी अधिक पाई जाती है। जिससे वजन कम करने में काफी मुश्किल होती है। अधिक मात्रा में कार्बोहाइड्रेट होने की वजह से डायबिटीज़ के मरीज़ों को शरीर में ब्लड ग्लूकोज का स्तर भी तुरंत बढ जाता है। जो कि बाद में बदल जाता है इसलिए यह डायबिटीज़ और मोटापा की बीमारी वाले लोगों के लिए वजन कम करने वाली डाइट में शामिल नहीं किया जाता है।
  • कॉर्नफ्लोर के इस्तेमाल ज्यादा करने से शरीर में एलडीएल बढ़ सकता है। जिससे कि खराब कोलेस्ट्रॉल होने की संभावना होती है। इसी वजह से यदि आपके शरीर में ऑक्सिडाइज्ड हो जाता है, तो यह एथेरोसिलेरोसिस  का कारण बन सकता है। जिससे कि ह्रदय संबंधी कई तरह की समस्याएं होने की संभावना होती है।

कॉर्नफ्लोर स्टोर कैसे करे:

कॉर्नफ्लोर या कॉर्नस्टार्च थोड़ी नमी को अवशोषित करता है। इसी वजह से इसे एयर टाईट कंटेनर मे रखना चाहिए। ताकि यह नमी के संपर्क में ना आ सके।

कॉर्नफ्लोर ज्यादा गर्म स्थान पर कभी भी नहीं रखना चाहिए और इसे सील किए हुए कंटेनर में रखकर उस कंटेनर को अच्छी जगह पर हिफाज़त से रखनी चाहिए।

यदि यह सही तरीके से  स्टोर किया गया जाए तो यह कई सालों तक खराब नहीं होता है।

अन्त में:-

मुझे उम्मीद है, की आपको आज का यह पोस्ट Corn Flour in Hindi काफी पसंद आया होगा और आप कॉर्नफ्लोर के फायदे और उपयोग के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त हो गई होगी।

यदि आपको आज का यह लेख पसंद आया है, तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर करना बिल्कुल भी ना भूले और यदि आपको इससे संबंधित और अधिक जानकारी चाहिए तो आप कमेंट करके अपने सवाल पूछ सकते हैं। हम आपके सवालों के जवाब जल्द से जल्द देने की पूरी कोशिश करेंगे।

 

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