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जीवन परिचय

Jack Ma’s Biography in Hindi: जैक मा का जीवन परिचय हिंदी में..!

Jack Ma's Biography in Hindi

Chinese billionaire Jack MaJack Ma Jivani पर आधारित हमारा ये लेख हमारे विद्यार्थियों, युवाओं और जीवन के सभी क्षेत्रों से संबंधित लोगो से सीधा जुड़ने वाला है क्योंकि हम, इस लेख मे Jack Ma’s Biography in Hindi के बारे में, बात करेंगे जिनसे ना केवल आप प्रेरणा ले सकते हैं बल्कि नये जीवन की शुरुआत कर सकते हैं।

Jack Ma Biography पर आधारीत इस लेख में, हम, आपको फेल को फेल करने वाले, असफलता को असफल वाले और हार पर जीत दर्ज करने वाले Alibaba अलीबाबा के सह-संस्थापक व जीवन के विजेता जैक मा की पूरी जीवनी अर्थात् जैक मा बायोग्राफी इन हिंदी Jack Ma Biography Hindi Me, प्रस्तुत करेंगे क्योंकि हमारे कई विद्यार्थी व युवा ऐसे है जिन्हें जैक मा व उनके संघर्षमयी सफलता की जानकारी प्राप्त नहीं है।

इसीलिए हम, अपने इस लेख में, आपको बतायेग कि:-

  • जैक मा कौन है? Who is Jack Ma?
  • जैक मा का असली नाम क्या है? What is the Real Name of Jack Ma?
  • जैक मा के लिए प्रसिद्ध क्या है? What is Jack Ma Famous for?

व जैक मा की प्रेरणादायक व ऊर्जावर्धन कथनो अर्थात् Jack Ma Motivational Quotes की कुछ चुनिन्दा पंक्तियों के बारे में बतायेगे जिन्हें आप अपने वास्तविक जीवन में, उतार कर उनसे प्रेरणा व प्रोत्साहन प्राप्त कर सकते है और साथ ही साथ जीवन में मिली तमाम असफलताओं के बावजूद जीवन के विजेता बन सकते है।

जैक मा पर जीवनी – Biography of Jack Ma Hindi

“जब मैं जो हूँ वो रहता हूँ मैं खुश रहता हूँ और अच्छे परिणाम मिलते हैं।’’ जैक मा

जैक मा की पूरी जीवनी अर्थात् जैक मा जीवनी Biography of Jack Ma in Hindi Jivani की संतुलित व्याख्या हम, किसी एक बिंदु के तहत नहीं कर सकते है इसलिए हम, जैक मा कि, पूरी जीवनी अर्थात् जीवन के तमाम पहलूओं को समेटने के लिए कई बिंदुओं की मदद लेंगे ताकि हम, आपके समझ जैक मा की एक पूरी व संतुलित रुपरेखा उकेर सकें, जो कि, इस प्रकार से हैं –

“आपको अपने प्रतिद्धंद्धी से सीखना चाहिए लेकिन कभी नकल ना करें। नकल किया और आप मरें।’’ जैक मा

1. Who is Jack Ma? जैक मा कौन है?

जैक मा मूलतः अलीबाबा समूह के सह-संस्थापक है जिन्होनें अपने 17 मित्रो के साथ मिलकर एक छोटे से कमरे से इसकी शुरुआत की थी जो कि, आज पूरी दुनिया में, जैक मा की बुनियादी पहचान बन चुकी है और साथ ही साथ जीवन में, मिली तमाम असफलताओं ने उन्हें एक सफल व्यक्तित्व और स्वतंत्र पहचान दी है जिसकी वजह से जैक मा चीन के सबसे अमीर व्यक्ति, एशिया के अमीरों में उन्हें दूसरे स्थान पर, राजनीतिक, समाज-सेवा व निवेशकों में प्रमुखता व प्राथमिकता से शामिल किये जाते है।

2. कैसा था Chinese billionaire Jack Ma का शुरुआती जीवन और शिक्षात्मक संघर्ष?

“मैं पसंद नहीं किया जाना चाहता। मैं, सम्मानित किया जाना चाहता हूँ।’’ जैक मा

आज के एक सफल और प्रेरणा के स्त्रोत कहे जाने वाले जैक मा का शुरुआती जीवन और शिक्षा अति संघर्षमय रहा। जैक मा का जन्म हांग्जो, झेजियांग जो कि, चीन में पड़ता है 10 सितम्बर, 1964 को एक गरीब व पारम्परिक तौर पर गाना-बजाना करके घर चलाने वाले परिवार में, हुआ था।

जैक मा का जिक्र ना केवल उनके जीवन के संघर्षो को दर्शाता है बल्कि उनकी त्याग व तपस्या को भी उजागर करता हैं इसलिए हम, कह सकते हैं कि, जैक मा का शुरुआती जीवन जितना संघर्षमय था उतना ही संघर्षमय था उनका शैक्षणिक जीवन।

3. 9 साल की उम्र मे, क्यूं तय करते थे 70 मील की दूरी?

जैसा कि, हमने पहले भी कहा कि, जैक मा का ना केवल शुरुआती जीवन संघर्षमय रहा बल्की उनका शुरुआती शैक्षणिक दौर भी संघर्षमय रहा क्योंकि जैक मा को अंग्रेजी भाषा बेहद पसंद थी जिसे वे सीखना चाहते थे और यही सीखने की चाह ने उन्हें हांग्जो इन्टरनेशनल होटल के द्धार पर ला खड़ा किया जो कि, उनके घर के लगभग 70 मील की दूरी पर स्थित था और इसी वजह से उन्हें महज 9 साल की उम्र में, रोज़ाना 70 मील की दूरी तय करनी पड़ती थी ताकि वे अंग्रेजी सीख सकें और साथ ही साथ घर चलाने में, अपना योगदान दे सकें।

4. टूटी-फूटी अंग्रेजी से लेकर टूरिस्ट गाइड तक जैक मा का सफर कैसा रहा?

जैक मा शुरुआत में, टूटी-फूटी अंग्रेजी बोलते थे और इसी टूटी-फूटी अंग्रेजी के साथ उन्होनें लगभग 9 साल तक टूरिस्ट का काम किया।

टूरिस्ट गाइड के तौर पर काम करते हुए जैका मा ने, एक दुर्लभ अनुभव प्राप्त किया क्योंकि इसी टूटी-फूटी अंग्रेजी की मदद से वे आने वाले विदेशी यात्रियों से संवाद स्थापित करते थे जिससे ना केवल उनकी आमदनी होती थी बल्कि साथ ही साथ उन्हें दुनिया के अलग-अलग हिस्सो की जानकारी भी प्राप्त होती थी

5. जैक मा कैसे बनें अंग्रेजी के शिक्षक?

जैक मा, अंग्रेजी भाषा के लिए सिर्फ 9 साल की उम्र में, 70 मील की दूरी तय करते थे और टूटी-फूटी अंग्रेजी बोलकर आमदनी के साथ-साथ सांसारिक ज्ञान भी प्राप्त करते थे लेकिन जीवन में, एक मोड़ ऐसा भी आया जब जैक मा को अंग्रेजी का शिक्षक बनने का सौभाग्य मिला।

जैक मा ने, हांग्जो इंस्टिट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग में, बतौर अंग्रेजी शिक्षक के रुप में, अध्यापन करना का अवसर प्राप्त किया।

6. What is the Real Name of Jack Ma?

हम, सभी अलीबाबा के संस्थापक को जैक मा के नाम से जानते है लेकिन जैक मा, उनका वास्तविक व मूल नाम नहीं था बल्कि एक विदेशी मित्र का दिया हुआ नाम था।

जैक मा का मूल और वास्तविक नाम मा यूँ था जो कि, उनके विदेशी मित्र के लिए बोलना बेहद कठीन था और इसी वजह से उन्होंने उन्हें मा यूँ की जगह जैक मा – Jack Ma कहना शुरु किया और जैक मा नाम से ही लोकप्रियता प्राप्त करते हुए वे बुलंदी के शिखर पर पहुंच गये।

7. क्या है जैक मा की असफलता वाली कहानी?

सफलता और असफलता जीवन के दो पहलू होते है और हम, आये दिन असफलता की दुहाई देते रहते हैं लेकिन क्या आज जानते है कि, जैक मा की असफलता वाली कहानी?

जीवन में, किसी भी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए औसतन हम, 1 से लेकर 3 बार तक कोशिश करते है लेकिन फिर भी असफल रहने पर कोशिश छोड़ देते है या फिर अपनी राह ही बदल लेते हैं लेकिन जैक मा ने ऐसा नहीं किया और अपनी हार को ही जीत में, बदल दिया।

जैक मा ने, कहा हैं कि, उन्होंने 30 बार अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग प्रकार की नौकरीयां प्राप्त करने की कोशिश की लेकिन हर बार असफलता ही उनके हाथ लगी और जब वे पुलिस में, शामिल होने गये तो पुलिस विभाग के कर्मचारीयों ने उन्हें देखते ही मना कर दिया।

उसी दौर में, KFC ( Kentucky Fried Chicken ) ने अपनी शाखा चीन में, खोली और उसके लिए  भर्ती प्रक्रिया को शुरु किया जिसके लिए जैक मा को मिलाकर कुल 24 लोग नौकरी के लिए आये और 23 लोग नौकरी के लिए चुन लिये गये सिर्फ 1 व्यक्ति को छोड़कर और वो व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि जैक मा ही थे।

इस प्रकार हमें, जैक मा के संयम, जुझारू मानसिकता और हार स्वीकार ना करने वाले व्यक्तित्व की झलक देख सकते है जिससे प्रेरणा व प्रोत्साहन प्राप्त करके ना केवल हम बल्कि हमारे सभी विद्यार्थी अपने जीवन में, सफलता अर्जित कर सकते है।

8. जैक मा क्यूं और कैसे पहुंच गये अमेरिका?

जैक मा को तकनीक अर्थात् टक्नोलॉजी में, बहुत रुचि थी लेकिन वे अपनी इस रुचि की प्यास नहीं बुझा पा रहे थे ऊपर से लम्बे समय से बेरोजगारी की मार की मार झेल रहे थे जिससे उनका सामाजिक-आर्थिक ढांचा लगभग टूट-सा गया था।

लेकिन इसी दौरान साल 1994 में, जैक ना ने अपने कुछ मित्रो के द्धारा इन्टरनेट तकनीक के बारे में सुना और अगले साल 1995 में, अमेरिका के लिए रवाना हुए नौकरी की खोज में, नहीं बल्कि इन्टरनेट की तकनीकी ज्ञान की खोज में।

जैक मा ने, अमेरिका पहुंच कर इन्टरनेट देखा, चलाया और संभव मात्रा में इसकी जानकारी प्राप्त की। जैक मा ने, इन्टरनेट पर सबसे पहले जिस शब्द या वस्तु की खोज की वो था Bear शब्द जिसके अलग-अलग परिणाम दिखाने वाली अलग-अलग भाषायी वेबसाइटों की लिस्ट उनके सामने खुली जिसे देख वे प्रसन्न तो हुए लेकिन मायूस भी हुए।

जैक मा मायूस इसलिए हुई कि, सभी भाषाओं में, Bear की जानकारी देने वाली वेबसाइट खुली सिवाय चीनी भाषा के क्योंकि चीनी भाषा की कोई आधिकारीक वेबसाइट ही नहीं थी और जब उन्होने इन्टरनेट पर चीन को ही सर्च किया तो उनके पैरो तले जमीन खिसक गई क्योंकि इन्टरनेट पर चीन से संबंधित कोई भी जानकारी उपलब्ध नहीं थी।

लेकिन इस मायूसी में, भी जैक मा ने उम्मीद की लौ जलाई रखी और एक ऐसी वेबसाइट बनाने की योजना बनाई जिस पर पूरी चीनी संस्कृति व चीन की हर जानकारी उपलब्ध होगी और यही से उनके जीवन की सफल यात्रा का सुखद शुभारम्भ हुआ।

9. जैक मा ने क्यूं लांच किया चीनी वेबसाइट?

इन्टरनेट पर चीन सर्च करने पर जब उन्हें कुछ नहीं मिला तब जाकर जैक मा को अंदाजा हुआ कि, चीन तकनीकी क्षेत्र में, कितना पिछड़ा हुआ है अर्थात् डिजिटल दुनिया में, चीन का कोई अस्तित्व ही नहीं है।

चीन के अस्तिव तो इन्टरनेट की दुनिया में, जीवित व स्थापित करने के लिए जैक मा ने, अपने कुछ अमेरिकी मित्रों के साथ मिलकर एक आधिकारीक चीनी वेबसाइट का निर्माण किया जिस पर चीनी संस्कृति व जीवन-शैली से संबंधित जानकारीयां उपलब्ध की गई और सुबह के ठीक 9 बजकर 40 मिनट पर लांच कर दिया।

इसके कुछ समय बाद अर्थात् ठीक 12 बजकर 30 मिनट पर जैक मा को चीनी लोगो व निवेशको द्धारा भेजे गये ई-मेल प्राप्त हुए जिसे देखकर जैक मा हैरत में, पड़ गये और तब जाकर उन्हें इन्टरनेट की व्यापकता व शक्ति का अंदाजा हुआ।

10. जैक मा ने, अपनी पहली कम्पनी कैसे और कितने रुपयो से शुरु की?

इन्टरनेट की गति और व्यापक पहुंच को पहचानने के बाद जैक मा ने, अपनी पत्नी व कुछ मित्रो के साथ मिलकर अपनी कम्पनी शुरु करने का फैसला लिया जिसके लिए उन्होंने कुल 20,000 डॉलर रुपय जमा किये और China Yellow Pages नामक एक कम्पनी शुरु कि, जिसका मुख्य काम अन्य दूसरी कम्पनियों के लिए वेबसाइट्स का निर्माण करना था।

China Yellow Pages नामक कम्पनी शुरु करने के शुरुआती कुछ दिनो में, जैक मा व उनके साथियों को ताश व टी.वी देखकर समय गुजारना पड़ता था क्योंकि उन दिनों इन्टरनेट की गति बहुत धीमी हुआ करती थी क्योंकि आधा पेज बनाने में, कुल 3 घंटे 50 मिनटों का समय लगता था जिसे बहुत बोझिल और थकाऊ माना जा सकता है।

समय के साथ-साथ इन्टरनेट की गति में, भी जबरदस्त सुधार हुआ जिसकी वजह से जैक मा की कम्पनी China Yellow Pages जो कि, 20,000 डॉलर से शुरु हुई थी ने महज 3 सालों के भीतर ही 3 लाख डॉलर की कमाई की जिससे ना केवल जैक मा को नई पहचान मिली बल्कि उन्होंने लम्बे समय बाद अर्थात् 33 साल की उम्र में, अपना पहला कम्प्यूटर खरीदा।

11. जैक मा ने, कैसे की अलीबाबा कम्पनी की शुरुआत?

“यदि अलीबाबा माइक्रोशॉफ्ट या वाल-मार्ट नहीं बन पाता है तो मुझे बाकी की जिन्दगी इसका अफसोस रहेगा।’’ जैक मा

क्या आप जानते है कि, What is Jack Ma Famous for? हम, अपने सभी पाठकों व विद्यार्थियों को बतान चाहते हैं कि, जैक मा ने, कुछ दिनों तक चाइना इन्टरनेशनल कॉमर्स सेन्टर की एक आई.टी कम्पनी में, काम किया था लेकिन उसमें अपना भविष्य ना पाते हुए जैक मा वापस अपने घर आ गये।

एक दिन जैक मा अपने सभी 17 दोस्तों के साथ अपने कमरे में, बैठे थे और सभी दोस्तों ने मिलकर सांझेदारी में, अलीबाबा नामक एक कम्पनी शुरु करने का फैसला लिया और कुछ समय बाद अलीबाबा कम्पनी की शुरुआत की जिसने सभी सांझेदारों के साथ-साथ जैक मा को भी सफलता के चरम शिखर पर पहुंचा दिया।

12. जैक मा द्धारा कम्पनी का नाम अलीबाबा रखने की असली वजह क्या थी?

“अलीबाबा एक ऐसा इकोसिस्टम है जो छोटे व्यवसायों को फलने-फूलने में मदद करता हैं।’’ — जैक मा

हम, आपको बताना चाहते हैं कि, जैक मा अपनी कम्पनी का नाम अलीबाबा रखना चाहते थे लेकिन उन्हें शंका थी कि, शायद लोगो के बीच ये नाम अनजाना हो या लोगो को इसके बारे में, जानकारी ही ना हो जिसे जांचने के लिए जैक मा ने, अमेरिका के सेन फ्रांसिसको के कॉफी शॉप में, काम करने वाले एक वेटर से अलीबाबा के बारे में, पूछा।

वेटर का जबाव सुनकर जैक मा दंग रह गये क्योंकि वेटर ने, अलीबाबा सुनकर कहा, खुल जा सिम सिम जिसके बाद जैक मा ने तय कर लिया कि, वे अपनी कम्पनी का नाम अलीबाबा ही रखेंगे क्योंकि ये एक ऐसा नाम है जिसे पूरी दुनिया में, जाना जाता है और इसे ही जैक मा ने, अपनी सफलता नाम मील का पत्थर साबित किया।

13. जैक मा कि, कम्पनी अलीबाबा ग्रुप की कीमत क्या हैं?

अलीबाबा नामक एक लोकप्रिय नाम से शुरु की गई जैक मा की कम्पनी ने, 240 से अधिक देशो में, अपनी धाक जमाई जिसका प्रमाण ये है कि, साल 2014 में, न्यू योर्क स्टॉक एक्सचेंज के अनुसार अलीबाबा ग्रुप की कम्पनी का वास्तविक मूल्य 24 बिलियन पाया गया जिससे अलीबाबा ग्रुप कम्पनी की शक्ति और पहुंच का अंदाजा लगाया जा सकता है।

14. कैसा रहा जैक मा का मनोरंजन नामक करियर?

कहा जाता हैं कि, जैक मा ने साल 2017 में, कुंग फू पर आधारीत अपनी पहली लघु फिल्म गौंग शो दा  से, अभियन की शुरुआत जिसे डबल 11 शॉपिंग कार्निवल सिंगल्स डे के द्धारा निर्देशित किया गया था। इसी दौरान उन्होनें गायन प्रतियोगिता में, भाग लिया और साथ ही साथ अलीबाबा की 18वीं वर्षगाठ पर नृत्य कर अपने चाहने वालों का दिल भी जीत लिया।

15. जैक मा का अलीबाबा के भविष्य के बारे में, क्या कहना है?

जहां तक बात है अलीबाबा ग्रुप के भविष्य की तो हम, अलीबाबा ग्रुप के सह-संस्थापक जैक मा का कहना हैं कि, ’’ हमारी चुनौती अधिक लोगो को स्वस्थ पैसा बनाने में मदद करना है। टिकाऊ पैसा जो कि, ना केवल खुद के लिए बल्कि समाज के लिए भी अच्छा हो और यही परिवर्तन हमारा मौलिक लक्ष्य हैं। ’’- जैक मा

16. जैक मा का परोपकारी चरित्र कैसा है?

“आपको आपके साथ सही लोग चाहिए होते है ना कि, सबसे अच्छे लोग।’’ — जैक मा

परोपकार अर्थात् दूसरो का उद्धार करना जिसके लिए जैक मा विशेष तौर पर पूरे विश्व में, अपनी अलग व उल्लेखनीय छवि के लिए जाने जाते है और यहां हम, उनकी परोपकारी चरित्र की एक संतुलित तस्वीर प्रस्तुत करने के लिए कुछ बिंदुओं की मदद लेना चाहते है जो कि, इस प्रकार से हैं:–

  • शिक्षा, पर्यावरण और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए जैक मा ने, जैक मा फाउंडेशन की शुरुआत की।
  • साल 2008 में, सिचुआन में, आये भूकम्प पीड़ितो की मदद के लिए अलीबाबा ग्रुप ने, कुल 80,80,000 डॉलर की मदद की।
  • जैक मा द्धारा अलीबाबा हांगकांग यंग इन्टरप्रेन्योर फाउंडेशन की शुरुआत की गई जिसकी मदद से हांगकांग के जिम्मेदारी उद्यमी अपने-अपने व्यवसायों की स्थापना कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें ।
  • इसी दौरान जब नेपाल में, भूकम्प आया और भारी मात्रा में, लोगो को जान-माल की हानि हुई तब अलीबाबा ग्रुप ने, 1,000 घरो के पुन-निर्माण के लिए आर्थिक मदद की घोषणा की आदि।

उपरोक्त सभी बिंदुओं की मदद से हम, जैक मा और उनकी कम्पनी अलीबाबा ग्रुप की कल्याणकारी व परोपकारी चरित्र की झलक देख सकते हैं।

जैक मा ने, किन-किन पुरस्कारो को कमाया है?

जैक मा ने, फर्श से लेकर अर्श तक का संघर्षमय सफर तय किया जिसके अलग-अलग पड़ावों पर उन्हें उनकी सफलता के लिए पुस्कार व सम्मान प्रदान किये गये जिनकी सूची इस प्रकार से हैं –

  • सी.सी.टी.वी अर्थात् China Central Television द्धारा साल के 10 सबसे अमीर लोगो में, जैक मा को शामिल किया गया,
  • डब्ल्यू.इ.एफ अर्थात् World Economic Forum द्धारा जैक मा को साल 2005 के लिए यंग ग्लोबल लीडर के तौर पर चुना गया,
  • बिजनेस वेक द्धारा जैक मा को साल 2007 में बिजनेस परर्सन ऑफ द ईयर के रुप में, चुना आदि।

इन सभी पुरस्कारों व सम्मानों को जैक मा ने, अपने कठीन और संघर्षमयी प्रयत्नों से प्राप्त किया और विश्व के युवाओं के लिए एक मिशाल प्रस्तुत की।

सारांश:-

जैक मा कहते हैं की अगर मुझे भी नौकरी मिल गई होती तो आज भी में वही नौकरी कर रहा होता फिर अलीबाबा को कौन चलता:-

अंत, असफलता को कैसे सफलता में, बदला जाये इसका सबसे बेहतर उदाहरण जैक मा और उनकी सफलता है जिन्होंने ना केवल अपनी असफलताओं पर जीत दर्ज की बल्कि एक ऐसी कम्पनी की शुरुआत की जिसे आप पूरी दुनिया में, जाना जाता है इसीलिए हमने अपने इस लेख में, आपको Chinese billionaire Jack Ma की पूरी जीवनी अर्थात् जैक मा जीवनी – Biography of Jack Ma in Hindi Jivani प्रस्तुत की है ताकि हमारे हार मान चुके युवा नई शुरुआत कर सकें और जैक मा से प्रेरणा व प्रोत्साहन लेकर जीवन में, सफलता प्राप्त कर सकें।

“बहुत जरुरी चीज़ जो आपमें होनी चाहिए वो हैं धैर्य।’’ — जैक मा

जैक मा जीवनी: Jack Ma’s Biography in Hindi पर आधारित हमारा लेख आपको कैसा लगा हमें, कमेंट करके बताइए, आर्टिकल को लाइक करने के साथ-साथ अपने मित्रों व जानने वालो के साथ शेयर कीजिए और अपनी सभी सुझाव भी बताइए ताकि हम, लेख की गुणवत्ता को और निखार सकें व आपके समक्ष एक गुणवत्तापूर्ण लेख प्रस्तुत कर सकें।

 

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