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Chalisa

गायत्री चालीसा: Gayatri Chalisa, Lyrics, Aarti, Path, Mantra, Benefits in Hindi

Gayatri Chalisa in Hindi

गायत्री मंत्र ऋग्वेद के तीसरे मंडल के 62वे शुक्त में मौजूद 10वा श्लोक है। और ये ऋग्वेद के सबसे प्रभावशाली मंत्रों में से रक है। इसकी रचना त्रेता युग में ऋषि विश्वामित्र ने हज़ारों वर्ष पूर्व कड़ी तपस्या से की थी। लेकिन सवाल ये है कि आखिर गायत्री मंत्र में ऐसा है क्या? जो इसे इतना प्रभावशाली सिद्ध करता है। और लोग इसके बारे में जानने के लिए उत्सुक रहते हैं।

गायत्री मंत्र के शक्तियों का एहसास विज्ञान ने भी किया है। जिसपर कई रिसर्च हुए है, और इस मंत्र ने कई आम लोगों के जीवन को ख़ास बना दिया है। कुछ लोग विज्ञान के आगे प्रकृति को भी कुछ नहीं समझते। लेकिन उन्हें ये नहीं पता कि विज्ञान को भी जो रहस्यमयी चीजें समझ नहीं आती है, उसे  प्रकृति की देन मानकर उसके ऊपर छोड़ देता है। पौराणिक कहानियां, मंत्र, कालखंड ये सब भले ही कोई न मानता हो लेकिन विज्ञान भी इन्हें इनकी शक्तियों की वजह से मानने लगा है।

इन्हीं शक्तियों में एक मंत्र भी शामिल है:- गायत्री मंत्र Gayatri Mantra

“ॐ भूर्भुवः स्वः, तत्सवितुर्वरेण्यं,
भर्गो देवस्य धीमहि, धियो यो नः प्रचोदयात !”

Gayatri Mantra in Hind

Gayatri Mantra: गायत्री मंत्र का अर्थ है

सृष्टिकर्ता प्रकाशमान परामात्मा के तेज का हम ध्यान करते हैं, परमात्मा का वह तेज हमारी बुद्धि को सद्मार्ग की ओर चलने के लिए प्रेरित करें।

सुख-सौभाग्य व धन-धान्य की देवी कही जाने वाली माता गायत्री का स्मरण बेहद मोहक, आकर्षक और अऩुपम होता है जो कि, अपने भक्तजनों में, अपनी सर्वप्रसिद्ध महिमा व जन-कल्याण के लिए जानी जाती है वहीं दूसरी तरफ भक्तजनों में भी माता गायत्री को लेकर बड़ी ही श्रद्धा व भक्ति देखने को मिलती है और उनकी इसी श्रद्धा व भक्ति को सम्पूर्ण करने के लिए हम, इस आर्टिकल में, आप सभी भक्तजनों को गायत्री चालीसा का पूरा पाठ प्रस्तुत करेंगे।

माता गायत्री की महिमा को समर्पित व अर्पित गायत्री चालीसा का पठन-पाठन बेहद मन-भावक, सुखदायक और आनन्ददायक होने के साथ ही साथ उतना ही फलदायक भी होता है और माता गायत्री को तो उनकी महिमा के लिए ही जाना जाता है जिनका आर्शीवाद और महिमा प्राप्त करने के लिए भक्तजन नित दिन गायत्री चालीसा का पठन-पाठन करते है।

हम, आपको बता दें कि, माता गायत्री को महिमा स्तुति को समर्पित गायत्री चालीसा के नियमित पठन-पाठन से ना केवल भक्तजनों को सुख-शांति व सौभाग्य की प्राप्ति होती है बल्कि साथ ही साथ उनके जीवन में भी खुशहाली का सकारात्मक संचार होता है जिससे उनका वर्तमान जीवन और भविष्य सुखमय बनता है।

अन्त, हम, अपने इस आर्टिकल Gayatri Chalisa में, पूरी कोशिश करेंगे कि, अपने सभी भक्तों को माता गायत्री की महिमा को समर्पित गायत्री चालीसा का सम्पूर्ण पाठ प्रस्तुत करें ताकि हमारे सभी भक्तजन नित दिन गायत्री चालीसा का पठन-पाठन करके अपना व अपनो का कल्याण सुनिश्चित कर सकें।

गायत्री चालीसा का महत्व क्या है?

आइए अब हम, अपने सभी भक्तजनों को विस्तार से माता गायत्री की महिमा को समर्पित Gayatri Chalisa गायत्री चालीसा के महत्व से अवगत करवायें जो कि, इस प्रकार से हैं:-

  • गायत्री चालीसा का पाठ भक्तों को हर नये दिन की ऊर्जा प्रदान करता है

गायत्री चालीसा का सबसे बड़ा महत्व तो यही है कि, गायत्री चालीसा के नियमित पठन-पाठन से हमें व सभी अन्य भक्तजनों को उनके हर नये दिन के लिए नई ऊर्जा की प्राप्ति होती है जिससे वे बेहतर तरीके से अपने हर दिन को जी पाते है और अपना विकास कर पाते है।

  • गायत्री चालीसा के पाठक भक्तों को तमाम प्रकारों की समस्याओँ से मुक्ति मिलती है

हम, अपने सभी भक्तजनों को विशेष तौर पर ये बताना चाहते है कि, Gayatri Chalisa Ka Path गायत्री चालीसा का पाठ करने वाले हमारे सभी भक्तों की सभी समस्याओँ का समाधान स्वत हो जाता है जिससे वे एक समस्या मुक्त जीवन जी पाते है और अपने जीवन का पूरा आनन्द प्राप्त कर पाते है।

  • गायत्री चालीसा के पाठ से घर में, सुख-शांति और यश का आगमन होता है

यहां पर आपको विशेष तौर पर ध्यान होगा कि, गायत्री चालीसा का पाठ करने वाले हमारे भक्तों को कभी भी गृह-कलेश या फिर अशांति का सामना नहीं करना पड़ता है क्योंकि उनके द्धारा नियमित रुप से गायत्री चालीसा का पाठ करने से हमारे सभी भक्तजनों व उनके परिवारों को सुख-शांति व यश की प्राप्ति होती है।

  • हमारे भीतर आत्मविश्वास जगता है गायत्री चालीसा का पाठ

हम, अपने सभी विद्यार्थियों व युवाओं को विशेष तौर पर ये बताना चाहते है कि, गायत्री चालीसा का पाठ Gayatri Chalisa Ka Path ना केवल हमें, सुख व शांति प्रदान करता है बल्कि साथ ही साथ हमारे भीतर आत्मविश्वास भी जगाता है जिसकी मदद से हम, अपना हर काम उत्साह और सम्पूर्णता के साथ सम्पन्न कर पाते है और जीवन में, सफलता प्राप्त कर पाते है।

  • गायत्री चालीसा के पाठ से भक्तजन निरोग, सुन्दर व धैर्यवान बनते है

जैसा कि, आप सभी को पता है कि, गायत्री चालीसा का पाठ बेहद लाभकारी, सुखकारी और फलकारी माना जाता है क्योंकि गायत्री चालीसा का पाठ करने से हमारे भक्तजनों को निरोग, सुन्दरता और धैर्य की प्राप्ति होती है जिससे उनका जीवन सफल व सार्थक होता है और वे अपना पूरा जीवन माता गायत्री की स्तुति करते हुए सुखपूर्ण ढंग से जी पाते है आदि।

Gayatri Chalisa Ke Fayde: गायत्री चालीसा का फायदें

आइए अब हम, अपने सभी भक्तों को विस्तार से Gayatri Chalisa के नियमित पठन-पाठन से होने वाले फायदों के बारे में, बतायें जो कि, इस प्रकार से हैं:-

  1. गायत्री चालीसा का पाठ करने से भक्तजनों को नई ऊर्जा व सकारात्मक सोच की प्राप्ति होती है,
  2. गायत्री चालीसा का पाठ करने से भक्तजनों को सुख-शांति, वैभव और सौभाग्य की प्राप्ति होती है,
  3. गायत्री चालीसा का निमयित पाठ करने वाले हमारे समर्पित भक्तजनों को भयमुक्त, कर्जमुक्त,चिन्तामुक्त और क्रोधमुक्त होने का वरदान प्राप्त होता है,
  4. वहीं दूसरी तरफ गायत्री चालीसा का पठन-पाठन से हमारे सभी भक्तजनों को धैर्य, सौंदर्य, साहस व सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है,
  5. गायत्री चालीसा का पाठ करने से भक्तजनों को उनकी हर प्रकार की समस्या से मुक्ति प्राप्त होती है,
  6. गायत्री चालीसा का पाठ करने से भक्तजनों को निरोग, प्रशन्नचित और जीवन के हर क्षेत्र में, सफलता की प्राप्ति होती है।

गायत्री मंत्र के जाप के फायदें: Benefits of Gayatri Chalisa

  1. गायत्री मंत्र के जाप से आपके दिल का स्वास्थ्य बेहतर होता है,
  2. नियमित गायत्री मंत्र के जाप से सांस से संबंधित सभी प्रकार के रोगों की समाप्ति होती है,
  3. गायत्री मंत्र के नियमित जाप से शरीर में नई शक्ति, ऊर्जा और साहस का संचार होता है,
  4. गायत्री मंत्र के जाप से हमारे भीतर दिव्यता-भव्यता का संचार होता है,
  5. गायत्री मंत्र के नियमित जाप से हमें मानसिक शांति व सुख की प्राप्ति होती है।

Gayatri Chalisa: गायत्री चालीसा के लाभ

  • आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इस छोटे से गायत्री मंत्र को उच्चारित करते समय प्रति सेंकेड 110,000 विभिन्न प्रकार की तरंगे (वेव) उत्पन्न होती है। जिससे दिमाग किसी तरह की तनावपूर्ण बातें नहीं सोच पाता और मन को शांति का अनुभव होता है।
  • इस मंत्र को उच्चारित करने का सबसे सही समय सूर्य उदय से 90 मिनट पूर्व है। इसके पीछे वैज्ञानिक तर्क ये है कि सुबह वायु शुद्ध होती है।
  • इसका उच्चारण करते समय 110,000 तरह की तरंगों का संचार हमारी सांसों द्वारा पूरे शरीर में होता है. जिससे कई रोगों का निदान होता है।

Gayatri Chalisa in Hindi: गायत्री चालीसा हिंदी में

॥ दोहा ॥

हीं श्रीं, क्लीं, मेधा, प्रभा, जीवन ज्योति प्रचण्ड।
शांति, क्रांति, जागृति, प्रगति, रचना शक्ति अखण्ड॥
जगत जननि, मंगल करनि, गायत्री सुखधाम।
प्रणवों सावित्री, स्वधा, स्वाहा पूरन काम॥

॥ चालीसा ॥

भूर्भुवः स्वः ॐ युत जननी ।
गायत्री नित कलिमल दहनी ॥

अक्षर चौबिस परम पुनीता ।
इनमें बसें शास्त्र, श्रुति, गीता ॥

शाश्वत सतोगुणी सतरुपा ।
सत्य सनातन सुधा अनूपा ॥

हंसारुढ़ सितम्बर धारी ।
स्वर्णकांति शुचि गगन बिहारी ॥

पुस्तक पुष्प कमंडलु माला ।
शुभ्र वर्ण तनु नयन विशाला ॥

ध्यान धरत पुलकित हिय होई ।
सुख उपजत, दुःख दुरमति खोई ॥

कामधेनु तुम सुर तरु छाया ।
निराकार की अदभुत माया ॥

तुम्हरी शरण गहै जो कोई ।
तरै सकल संकट सों सोई ॥

सरस्वती लक्ष्मी तुम काली ।
दिपै तुम्हारी ज्योति निराली ॥

तुम्हरी महिमा पारन पावें ।
जो शारद शत मुख गुण गावें ॥

चार वेद की मातु पुनीता ।
तुम ब्रहमाणी गौरी सीता ॥

महामंत्र जितने जग माहीं ।
कोऊ गायत्री सम नाहीं ॥

सुमिरत हिय में ज्ञान प्रकासै ।
आलस पाप अविघा नासै ॥

सृष्टि बीज जग जननि भवानी।
काल रात्रि वरदा कल्यानी ॥

ब्रहमा विष्णु रुद्र सुर जेते ।
तुम सों पावें सुरता तेते ॥

तुम भक्तन की भक्त तुम्हारे ।
जननिहिं पुत्र प्राण ते प्यारे ॥

महिमा अपरम्पार तुम्हारी ।
जै जै जै त्रिपदा भय हारी ॥

पूरित सकल ज्ञान विज्ञाना ।
तुम सम अधिक न जग में आना ॥

तुमहिं जानि कछु रहै न शेषा ।
तुमहिं पाय कछु रहै न क्लेषा ॥

जानत तुमहिं, तुमहिं है जाई ।
पारस परसि कुधातु सुहाई ॥

तुम्हरी शक्ति दिपै सब ठाई ।
माता तुम सब ठौर समाई ॥

ग्रह नक्षत्र ब्रहमाण्ड घनेरे ।
सब गतिवान तुम्हारे प्रेरे ॥

सकलसृष्टि की प्राण विधाता ।
पालक पोषक नाशक त्राता ॥

मातेश्वरी दया व्रत धारी ।
तुम सन तरे पतकी भारी ॥

जापर कृपा तुम्हारी होई ।
तापर कृपा करें सब कोई ॥

मंद बुद्घि ते बुधि बल पावें ।
रोगी रोग रहित है जावें ॥

दारिद मिटै कटै सब पीरा ।
नाशै दुःख हरै भव भीरा ॥

गृह कलेश चित चिंता भारी ।
नासै गायत्री भय हारी ॥

संतिति हीन सुसंतति पावें ।
सुख संपत्ति युत मोद मनावें ॥

भूत पिशाच सबै भय खावें ।
यम के दूत निकट नहिं आवें ॥

जो सधवा सुमिरें चित लाई ।
अछत सुहाग सदा सुखदाई ॥

घर वर सुख प्रद लहैं कुमारी ।
विधवा रहें सत्य व्रत धारी ॥

जयति जयति जगदम्ब भवानी ।
तुम सम और दयालु न दानी ॥

जो सदगुरु सों दीक्षा पावें ।
सो साधन को सफल बनावें ॥

सुमिरन करें सुरुचि बड़भागी ।
लहैं मनोरथ गृही विरागी ॥

अष्ट सिद्घि नवनिधि की दाता ।
सब समर्थ गायत्री माता ॥

ऋषि, मुनि, यती, तपस्वी, जोगी ।
आरत, अर्थी, चिंतित, भोगी ॥

जो जो शरण तुम्हारी आवें ।
सो सो मन वांछित फल पावें ॥

बल, बुद्घि, विघा, शील स्वभाऊ ।
धन वैभव यश तेज उछाऊ ॥

सकल बढ़ें उपजे सुख नाना ।
जो यह पाठ करै धरि ध्याना ॥

॥ दोहा ॥

यह चालीसा भक्तियुत, पाठ करे जो कोय ।
तापर कृपा प्रसन्नता, गायत्री की होय ॥

Gaytri Chalisa Lyrics in Hindi

|| Doha ||

Hreem shreem kleem megha prabha jevan jyoti prachand |
Shanti kranti, jagruti, pragati, rachana, shakti akhand ||

Jagat janni mandal, karni gayatri sukhdham |
Pranvom savitri swadha, swaha puran kam ||

॥ Chaupayee ॥

Bhoor bhuvahswah Om Yut Janani |
Gayatri Nit Kalimal Dahani ||

Akshar Chaubis Param Puneeta |
Inme Base Shastra Shuti Geeta ||

Shashwat Satoguni Satrupa |
Satya Sanatan Sudha Anoopa ||

Hansarudh Swetambhar Dhari |
Swarn Kranti Suchi Gagan Bihari ||

Pustak Pushpa Kamdal Mala |
Subhra Varna Tanu Nayan Vishala ||

Dhyan Dharat Pulkit Hit Hoi |
Sukh Upjat Dukh Durmati Khoyi ||

Kamdhenu Tum Sur Taru Chaya |
Nirakar Ki Adhbut Maya ||

Tumhari Sharan Grahe Jab Koi |
Tarai Shakat Sankat So Soi ||

Saraswati Lakshmi tum Kali |
Deepa Tumhari Jyoti Nirali ||

Tumhari Mahima Paar Na Pave |
Jo Sharad Sutmukh Gun Gaven ||

Char Ved Ki Maatu Puneeta |
Tum Brahmani Gauri Seeta ||

Mahamantra Jitne Jag Mahi |
Kou Gayatri Sam Nahi ||

Sumirat Hriday Mein Gyan Prakashe |
Aalas Paap Avidhya Nase ||

Shristi Beej Jag Janani Bhavani |
Kal Ratri Varda Kalyani ||

Brahma Vishnu Rudru Sur Jete |
Tum Sau Pave Surta tete ||

Tum Bhaktan Ki Bhakt Tumhare |
Jananihin Putra Pran Te Pyare ||

Mahima Aprampar Tumhari |
Jai Jai Jai Tripada Bhayhari ||

Poorit Sakal Gyan Vigyana |
Tum Sam Adhika Na Jag Mein Aana ||

Tumahin Janu Kahu Rahe na shesha |
Tumahin pae Kachu Rahne na Klesha ||

Janat Tumahin Tumahin Hihe Jai |
Paras Parsi Kudhatu Suhai ||

Tumhari Shakti Deepe Sab Thai |
Mata Tum Sab Thor Samai ||

Graha Nakshtra Brahmand Ghenere |
Tun Gativan Tunhare Prere ||

Sakal Shriti Ki Pran Vidhata |
Palak Poshak Nasak Trata ||

Mateshwari Daya Vrat Dhari |
Tun San Tare Patki Bhari ||

Japar Kripa Tumari Hoi |
Ta Par Kripa Kare Sab Koi ||

Mand Buddhi te Buddhi Bal Paven |
Rogi Rog Rahit Ho Javen ||

Daridra Mite Kate Sab Peera |
Nashe Dukh Hare Bhav Peera ||

Griha Kalesh Chit Chinta Bhari |
Nase Gayatri Bhav Hari ||

Santati Hin Su Santati Pave |
Sukh Sampati Yut Mod Manave ||

Bhoot Pishah Sab Bhay Khave |
Yam Ke Doot Nikat Nahi Aave ||

Jo Sadhva Sumre Chit Lai |
Achhat Suhag Sada Sukhdai ||

Ghar Var Shukhprad Rahe Kumari |
Vidhva Rahe Satyavrat Dhari ||

Jayati Jayati Jagdamba Bhawani |
Tum Sab Aur Dayalu Na Dani ||

Jo Sadguru So Diksha Pave |
So Sadhan Ko Saphal Banave ||

Sumiran Kare Suruchi Badbhagi |
Lahen manorath Grahi Viragi ||

Astha Siddhi Nav Nidhi Ki Data |
Sab Samarath Gayatri Mata ||

Rishi Muni Yati, Tapasvi, Jogi |
Arat Arthi Chintit Bhogi ||

Jo Jo Sharan Tumari Aave |
So So Manvanchit Phal Paven ||

Bal Buddhi Vidya Shil Swabhavu |
Dhan Vaibhav Yash tej Uchaau ||

Sakal Badhe Upje Sukh Na Na |
Jo Yah Path Kare Dhari Dhayana ||

|| Doha ||

Yeh Chalisa Bhakti Yut, Path Kare Jo Koi |
Ta Par Kripa Prasannta, Maa Gayatri Ki Hoi ||

माता गायत्री की सुन्दरता, उदारता और जन-कल्याणकारीता का भाव तीनों लोकों में, सर्वप्रसिद्ध है और उनकी इसी सर्वप्रसिद्धि के कारण तीनों लोको में माता गायत्री की महिमा का बड़े ही श्रद्धापूर्वक ढंग से बखान किया जाता है क्योंकि माता गायत्री अपने भक्तों को निरोगी होने का, सौंदर्य का, प्रशन्नचित होने का और साथ ही साथ जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में, सफल होने का वरदान देती है।

हमारे भक्तो में, माता गायत्री की महिमा व कल्याण को लेकर बड़ी श्रद्धा है जिसकी वजह से भारतवर्ष के साथ ही साथ देश-विदेश में भी माता गायत्री की स्तुति श्रद्धापूर्वक की जाती है और आप भी सम्पूर्ण ढंग से माता गायत्री की पूजा कर सकें इसे सुनिश्चित करने के लिए हमने इस आर्टिकल Gayatri Chalisa in Hindi में, सभी भक्तों को गायत्री चालीसा का पूरा पाठ प्रस्तुत किया है।

अन्त, हमें, उम्मीद है कि, आप सभी को हमारा आर्टिकल Gayatri Chalisa Lyrics in Hindi जरुर पसंद आया होगा जिसके लिए ना केवल आप हमारे इस आर्टिकल को लाइक करेंगे, शेयर करेंगे बल्कि साथ ही साथ कमेंट करके अपने विचार व सुझाव भी बतायेंगे ताकि हम, इसी तरह के आर्टिकल आपके लिए लाते रहें क्योंकि यही हमारा कर्तव्य व दायित्व है।

 

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