Connect with us

Jivani

Gaur Gopal Das Biography In Hindi: गौर गोपाल दास जी का जीवन परिचय हिंदी में..!

Gaur Gopal Das Biography In Hindi

वर्तमान समय में हमारे बीच ऐसे बहुत कम ही व्यक्ति मौजूद है, जिन्होंने सांसारिक मोह माया को अपने जीवन से पूरी तरह त्याग दिया और अपने जीवन को सिर्फ समाज कल्याण और लोगो की भलाई में ही लगा दिया है। इनके जीवन का एकाग्र लक्ष्य केवल यही होता है की वह किस प्रकार से समाज और मानव सभ्यता का विकास कर सके।  आज के इस आर्टिकल में हम ऐसे ही महान सन्यासी के बारे में जानेंगे।

जिन्होंने समाज सेवा और लोगो की भलाई के लिए अपने जीवन के भोग विलास तथा सुख को त्याग दिया और वर्तमान में पूरी तरह से मानव तथा समाज कल्याण का काम कर रहे है। जिन्होंने अपने जीवन में अच्छे खासे करियर को छोड़ दिया और मानव जीवन की सच्चाई और मानवता को करीब से जानने के लिए एक सन्यासी का जीवन व्यतीत कर रहे है।

जी हां हम बात कर है भारतीय Spiritual Guru , Lifestyle Coach तथा जाने माने Motivational Speaker, Gaur Gopal Das जी के बारे में जिन्होंने समाज में एक सन्यासी को देखने को नजरिये को पूरी तरह से बदल दिया है। आज के इस प्रेरणादायक आर्टिकल में हम Gaur Gopal Das की Biography in Hindi में जानेंगे और हम गौर गोपाल दास जी के जीवन को करीब से जानने का प्रयास करेंगे और हम आशा करते है की आप भी अवश्य ही Gaur Gopal Das जी के जीवन से कुछ न कुछ जरुर सीखेंगे।

1 Name Prabhu Gaur Gopal Das
2 Age 47  Years, ( 24 December 1973 )
3 Education Graduate From, College of Engineering, Pune 1995 ( Electrical Engineering )
4 Known As  Indian Monk ( सन्यासी ) 
5 Profession Lifestyle Coach, Motivational Speaker.
6 Books 1st Book : Life’s Amazing Secrets, 2nd Book : The Way of the Monk 
7 YouTube Channel Gaur Gopal Das ( 3.51 Million Subscriber )
8 Religion Hinduism
9 Nationality Indian 

Gaur Gopal Das जी बचपन

आज हम जिन्हें गौर गोपाल दास जी के नाम से जानते है , उनका पूरा नाम प्रभु गौर गोपाल दास जी है और आपका जन्म 24 दिसंबर ,सन 1973 को महाराष्ट्र के पुणे शहर में हुआ था। आपके पिता जो की मेदोलोजिकल विभाग में सरकारी कर्मचारी थे और आपकी माता एक गृहणी थी। बताया जाता है की गौर गोपाल दास जी बचपन से ही काफी जिद्दी और होशीयार बालक थे। गौर गोपाल दास जी की उसने छोटी एक बहन भी है। चलिए हम गौर गोपाल दास जी के बचपन से जुडी कुछ रोचक बाते जानते है।

  • अपने बचपन में अपनी पसंद का खाना नही बनने पर गौर गोपाल दास खाना ही नही खाते थे।
  • अपने बचपन के दिनों से ही गौर गोपाल दास सभी के लाडले थे , क्योकि यह अपने परिवार में इकलौते पुत्र थे।
  • गौर गोपाल दास बचपन से ही काफी शरारती होने के साथ – साथ पढाई – लिखाई में भी काफी होशियार थे।

Gaur Gopal Das जी शिक्षा

अपने घर क्वे सबसे लाडले होने की वजह से गौर गोपाल दास को बचपन से ही सभी का खूब प्यार मिला और यही वजह थी की। गौर गोपाल दास शुरुआत से ही पढाई – लिखाई में भी अपनी कक्षा के सबसे लाडले छात्र अर्थात् ( होशियार ) छात्र रहते थे। पढाई में अच्छे होने के साथ ही साथ गौर गोपाल दास अपने स्कूल के दिनों में स्टेज कार्यक्रम , खेल निरंतर ही भाग लिया करते थे। चलिए अब हम जानते है की गौर गोपाल दास जी ने अपनी शिक्षा इस प्रकार प्राप्त की थी।

  • गौर गोपाल दास जी ने अपनी शुरूआती पढाई St. Jude High School ,Dehuroad, Pune महाराष्ट्र से पूरी की थी।
  • इसके पश्चात गौर गोपाल दास जी ने 1992 में Cusrow Wadia Institute of technology , Pune से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में अपना डिप्लोमा प्राप्त किया।
  • डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद ही उन्होंने साल 1995 में College of Engineering, Pune से Electrical Engineering में अपनी डिग्री हासिल की थी।

हम आपको बता दे की गौर गोपाल दास जी अपने स्कूल के दिनों से ही काफी होशियार छात्र थे। वो प्रत्येक कक्षा में सर्वोच्च अंक हासिल करते हुए टॉप करते थे। गौर गोपाल दास जी ने जब कॉलेज of इंजीनियरिंग से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में अपनी डिग्री प्राप्त की उसी समय होशियार छात्र होने की वजह से उनका प्लेसमेंट Hewlett-Packard ( HP ) में हो गया था। चलिए अब हम जानते है की HP में नौकरी करते हुए गौर गोपाल दास जी का जीवन कैसा रहा था।

Gaur Gopal Das का HP में नौकरी करना

अपनी बेहतरीन पढाई तथा कॉलेज में अपने फाइनल वर्ष में HP कंपनी की तरफ से नौकरी ऑफ़र की गयी थी। इस प्रकार से गौर गोपाल दास जी को एक HP कंपनी में एक प्रतिष्ठित नौकरी मिली थी। परन्तु गौर गोपाल दास जी ने जिस उत्साह के साथ इस नौकरी को करना शुरू किया था। वह उत्साह उनके भीतर अधिक समय तक टिक न सका और HP में साल 1995 में अपने जीवन की पहली नौकरी करते हुए , गौर गोपाल दस जी को आत्म संतुष्टि नही हो रही थी।

उन्हें अपने जीवन में बेहद ही खालीपन सा लगने लगा था। HP में नौकरी करते हुए वास्तव में गौर गोपाल दास जी को यह लगने लगा था की यह वो काम नही है जो वह करना चाहते थे। जिससे वो समाज में एक सकारात्मक प्रभाव ला सके। क्योकि गौर गोपाल दास जी शुरू से ही अपने पिता से बहुत प्रेरणा मिली थी।

  • अपने कॉलेज में सबसे होशियार छात्र होने की वजह से गौर गोपाल दास जी को अपने फाइनल वर्ष में ही HP कंपनी की तरफ से जॉब ऑफ़र किया गया था।
  • कॉलेज के दिनों से ही गौर गोपाल दास समाज में एक सकरात्मक प्रभाव लाना चाहते थे , जिससे लोगो को अपने जीवन में एक नयी दिशा मिले।
  • HP में नौकरी करते हुए गौर गोपाल दास जी को आत्म – संतुष्टि न होने के साथ। वह अपने जीवन में खालीपन सा अनुभव कर रहे थे।

क्योकि गौर गोपाल दास जी को समाज और उसमे रह रह लोगो के लिए कुछ न कुछ सकारात्मक कार्य करना था। इसी वजह से उन्होंने साल 1996 में अपनी नौकरी छोड़ दी थी। अब हम जानेंगे की गौर गोपाल दास जी किस तरह से एक सामान्य व्यक्ति से एक सन्यासी बने।

समाज में बदलाव लाने की शुरुआत

गौर गोपाल दास जी अपने कॉलेज के दिनों से ही कुछ ऐसा करना चाहते थे। जिससे समाज में रह रहे लोगो के जीवन में कुछ सकारात्मक बदलाव आ सके। इसके लिए उन्होंने अपने आस -पास के दो बच्चो को मुफ्त में गणित पढ़ाना शुरू किया। जो की गणित विषय में अत्यत कमजोर विद्यार्थी थे।

गौर गोपाल दास ने रोजाना उन दोनों स्टूडेंट्स को पूरे साल 2 घंटे रोजाना गणित पढाया था और यदि मेहनत सकारात्मक थी तब परिणाम तो सकारात्मक होने ही थे और उन दोनों बच्चो ने गणित में बहुत अच्छे अंक प्राप्त किये थे। इस बात से उन बच्चो के माता -पिता तथा गौर गोपाल दास जी को बेहद ख़ुशी हुई थी। तभी इस घटना से गौर गोपाल दास जी को आत्म – संतुष्टि और सकारात्मकता की प्राप्ति हुई थी। उन्होंने यह फैसला कर लिया था, की उन्हें भविष्य में समाज तथा लोगो के लिए ही सकारात्मक कार्य करने है।

Gaur Gopal Das जी का सन्यासी बनना

वर्तमान में किसी ने गौर गोपाल दास जी से पुछा था की क्या आप बचपन से ही सन्यासी बनना चाहते थे ? तब इसके जवाब में गौर गोपाल दास जी कहते है , की मैंने कभी नही सोचा था में अपने जीवन में कभी एक सन्यासी ( मोंक ) का जीवन जियूँगा। इसके बाद गौर गोपाल दास कहते है की लेकिन में बचपन से ही यह सोचता था की मुझे बड़ा होकर कुछ ऐसा काम करना है।

जिससे हमारे समाज में एक सकारात्मक प्रभाव ला सकू। गौर गोपाल दास जी आगे बताते है की उन्हें संन्यासी जीवन तथा समाज के लिए कुछ करने की प्रेरणा अपने जीवन की एक सकारात्मक घटना से मिली। वे बताते है की मेरे पड़ोस में एक स्कूल टीचर था जो मोहल्ले के बच्चो को मुफ्त में अंग्रेजी सिखाया करता था।

जिससे की मोहल्ले के गरीब बच्चे भी अंग्रेजी सीख सके। गौर गोपाल दास आगे बताते है की उन्हें एक और घटना से बड़ी प्रेरणा मिली और ओर वो यह थी की , की उनके सोसायटी के सभी लोग अपने घरो से एक महीने में थोडा – थोडा अनाज इकठ्ठा किया करते थे। इसके बाद महीने के आखिर में आस -पास के गरीब इलाको केअनाथ लोगो और मजदूरो को मुफ्त में भोजन कराते थे। गौर गोपाल दास जी के जीवन की इन्ही दो घटनाओ ने उन्हें समाज और लोगो के लिए कुछ करने के लिए प्रेरित किया था।

  • गौर गोपाल दास जी को समाज के लिए कुछ सकारात्मक करने की प्रेरणा उनके जीवन की उन्ही दो घटनाओ से मिली थी।
  • गौर गोपाल दास शुरूआती जीवन में अपने पिता के कर्म प्रधान स्वभाव से बहुत प्रेरित हुए थे।
  • गौर गोपाल दास ने साल 1996 में HP से नौकरी छोड़ने के बाद ही राधानाथ स्वामी के सानिध्य में ISKCON को ज्वाइन किया था।

इसके बाद जैसे ही गौर गोपाल दास जी ने साल 1996 में अपनी नौकरी को छोड़ा। उन्होंने अपने भीतर की उलझन को समाप्त करते हुए और समाज में कुछ सकारात्मक प्रभाव लाने के लिए उन्होंने साल 1996 में राधानाथ स्वामी जी के सानिध्य में मुंबई में ISKCON चौपाटी में ज्वाइन कर लिया ,

गौर गोपाल दास जी बताते है जब उन्होंने अपने सन्यासी जीवन की शुरुआत की तब वह शुरू – शुरू में बहुत छोटी बातो से परेशान हो जाया करते थे। जैसे अच्छा खाना न मिलना , आराम की जिंदगी न मिया इत्यादि। लेकिन गौर गोपाल दास जी ने अपने जीवन के उद्देश्यों को याद किया और खुद से सवाल किया। की क्या वह यहा सिर्फ आराम और अच्छा खाना खाए आये है ? इसके बाद उन्होंने परेशानियों से ध्यान हटाकर Spirituality पर लगाना शुरू कर दिया था।

Gaur Gopal Das जी का वर्तमान जीवन

वर्तमान समय में गौर गोपाल दास जी इस स्पिरिचुअल लीडर , लाइफ कोच तथा मोटिवेशनल स्पीकर भी है। और समाज में सकारात्मक प्रभाव लाने के निरंतर कार्य कर रहे है। गौर गोपाल दास जी बताते है की वह साल के 365 में से लगभग 280 दिन ट्रेवल करते है। जिससे को वो बड़ी – बड़ी संस्थाओ तथा कोर्पोरेट्स में अपनी ट्रेनिंग से लोगो के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सके।

वह अपने सेमिनारो के माध्यम से लोगो में सभी के प्रति सेवा तथा प्रेम की भावना लाने का प्रयास कर रहे है। गौर गोपाल दास के सेमिनारो में जीवन के गहरे ज्ञान ( Deep Knowledge ) की प्राप्त होती है। पिछले 15 वर्षो से गौर गोपाल दास जी लगातार सभी Multinationals कंपनियों के लिए कोर्पोरेट ट्रेनिंग देते है।

  • Gaur Gopal Das जी को स्प्रिचुअलिटी के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए साल 2016 में रोटरी इन्तेर्नेशानल सुपर अचीवर अवार्ड से सम्मानित किया गया था।
  • Gaur Gopal Das जो को TEDX में अक्सर ही लोगो को प्रेरित करने और समाज को सही दिशा प्रदान करने हेतु स्पीच देने के लिए बुलाया जाता है।
  • Gaur Gopal Das जी भारत के साथ -साथ देश – विदेश के बड़े – बड़े कॉलेजो , कंपनियों में लोगो को स्पिरिचुँलिटी , सक्सेस , रिलेशनशिप पर ट्रेनिंग देने के लिए सेमिनारो का आयोजन करवाते है।
  • समाज में अपने अमूल्य योगदान के लिए Gaur Gopal Das जी को Kalinga Institute of Industrial Technology द्वारा डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त है।

साल 2016 में ब्रिटिश पार्लिमेंट ने गौर गोपाल दास जी को “Balance Between Spirituality and Success ” विषय पर स्पीच देने के लिए आमंत्रित किया था। जो की हम सभी भारतीयों के लिए गर्व की बात है। वर्तमान समय में गौर गोपाल दास अपने YouTube चेनल से भी समाज की सहायता कर रहे है।

गौर गोपाल दास के YouTube चेनल पर लगभग 30 लाख Subscribers है। वर्तमान में गौर गोपाल दास विश्व के अग्रणी कोर्पोरेट ट्रेनर और विश्व ख्याति प्राप्त सन्यासी ( मोंक ) भी है . चलिए हम अब Gaur Gopal Das की Books के बारे में जानते है।

Gaur Gopal Das जी की Books

गौर गोपाल दास जी ने समाज के लोगो को सही देने के लिए दो किताबे भी लिखी है। जिन्हें पढने के बाद कोई भी व्यक्ति अपने जीवन के उद्देश्यों को जान सकता है तथा अपने जीवन को बेहतर बना सकता है।

  • Gaur Gopal Das जी ने पहली किताब Life’s Amazing Secrets: How To Find Balance and Purpose In Your Life साल 2018 में लिखी थी।
  • इसके बाद Gaur Gopal Das जी ने The Way of the Monk : The Four Steps to Peace, Purpose and Lasting Happiness साल 2020 में लिखी है।

अपनी इन दोनों किताबो से Gaur Gopal Das समाज के लोगो के जीवन में एक सकारात्मक प्रभाव डाल रहे है। अपने कार्यो से निरंतर ही समाज तथा लोगो के जीवन में सकारात्मक प्रभाव डाल रहे है। हम आशा करते है की गौर गोपाल दास जी आगे भी समाज के लिए अपना अमूल्य योगदान अपनी शिक्षा के माध्यम से देते रहेंगे।

निष्कर्ष :-

जीवन सभी को एक समान अवसर प्रदान करता है। इन अवसरों का फायदा उठाकर बहुत से व्यक्ति केवल अपने जीवन के स्वार्थो को पूरा करने लग जाते है। लेकिन हमारे बीच ऐसे कुछ ही महान व्यक्ति है जिन्होंने अपने जीवन के सुख और सांसारिक मोह माया को छोड़कर अपना जीवन सिर्फ समाज की सेवा में लगा दिया है।

इनका एक ही अडिग लक्ष्य यही होता है की अपने प्रयासों से समाज में एक सकारात्मक बदलाव ( Positive Impact ) ला सके।  हमें आशा है की आपको Gaur Gopal Das की Biography In Hindi तथा गौर गोपाल दास के जीवन परिचय पर यह आर्टिकल अवश्य ही पसंद आया होगा और Gaur Gopal Das जी के जीवन से प्रेरित होकर आप भी अपने जीवन को बेहतर बनाएंगे।

 

हमारे इस बेहतरीन आर्टिकल्स को पढना बिलकुल न भूले :

Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement