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Deepawali Essay in Hindi: दीपावली के त्यौहार पर निबंध हिन्दी मे..!

Deepawali Essay in Hindi

“दीयों की रौशनी से झिलमिलाता आंगन हो, पटाखों की गूंज से आसंमा रौशन हो। ऐसी आये झूम के दीवाली, हर तरफ खुशियों का मौसम हो।।”

Deepawali Essay के तौर पर हम, कहें कि, भारत त्यौहारों का देश है जहां पर हर पल, हर क्षण, हर दिवस और हर अवसर के लिए कोई ना कोई अद्धितीय त्यौहार व पर्व मनाया जाता है और हमारा भारतीय समाज भी पूरी तरह से त्यौहारमय है अर्थात् हमारा समाज अलग-अलग त्यौहारों के माध्यमों से अपनी खुशी, उत्साह और ऊर्जा की अभिव्यक्ति करते है और इन सभी तत्वों का जबरदस्त संगम हमें, दिवाली के त्यौहार में, देखने को मिलता है जिसकी पूरी जानकारी हम, Deepawali Essay in Hindi दीपावली पर निबंध में, प्रस्तुत करेंगे।

दीपावली पर प्रस्तावना:

दीवाली के त्यौहार को “त्यौहारों का त्यौहार’’ और भारत का सबसे बड़ा व लोकप्रिय त्यौहार कहा व माना जाता है जिसकी अपना एक व्यापक महत्व और प्रासंगिकता होती है जिससे ना केवल हम, बल्कि हमारे गौरवमयी भारतीय संस्कृति व सभ्यता सतत तौर पर गौरवान्वित होती रहती है जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण Essay on Deepawali में, आपको प्रदान करेंगे।

Deepawali पर निबंध हिन्दी मे हम आपको बता दें कि, दिपावली का त्यौहार हर्षो-उल्लास, रोमांच, सुख-समृद्धि और समाज के हर आयु वर्ग का सबसे पसंदीदा त्यौहार है जिसे ना केवल भारतवर्ष मे बल्कि पूरे विश्व में, हिंदूओं के प्रमुख त्यौहार के तौर पर मान्यता व स्वीकृति प्राप्त है जिसका ठोस प्रमाण यही है कि, हमारे इस त्यौहारों के त्यौहार को ना केवल पूरे भारतवर्ष में, बल्कि विश्व के अनेको अलग-अलग देशों में बड़ी ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है।

वहीं दूसरी तरफ हम, आपको Deepawali Nibandh in Hindi के माध्यम से यह भी बता दें कि, दीपावली के त्यौहार को ’’ अन्धकार पर विजय अर्थात् बुराई पर अच्छाई की जीत ’’ के तौर पर बड़े ही सत्यतता व पवित्रता के साथ हर्षो – उल्लास के साथ मनाया जाता है क्योंकि इस दिन ना केवल पूरा भारतवर्ष बल्कि पूरा विश्व भारतीय संस्कृति व सभ्यता की चका-चौंध से रोशनमयी हो उठता है अर्थात् विश्व को एक नया जीवन, नया उपहार मिलता है।

Deepawali Essay in Hindi  पर निबंध में हम, आपको बता दें कि, दीपावली का त्यौहार का, केवल धार्मिक महत्व नहीं है बल्कि दीपावली के त्यौहार का सामाजिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, पौराणिक, ऐतिहासिक और सर्वाधिक महत्वपूर्ण आर्थिक महत्व भी है अर्थात् हम, कह सकते है कि, दीपावली का त्यौहार मानवीय जीवन के हर पहलू से बेहद मजबूती के साथ बंधा हुआ है जिसकी मदद से हम, अपने जीवन को खुशहाली के साथ जी पाते है।

अन्त, Deepawali Essay in Hindi के समर्पित अपने इस आर्टिकल में, हम, आप सभी को विस्तार से Deepawali Essay ।। Deepawali निबंध के साथ ही साथ Essay Hindi Me Deepawali ।। Deepawali Essay for class 1 to 8 in hindi में, जानकारी भी प्रदान करेंगे क्योंकि यही हमारे इस आर्टिकल का मौलिक लक्ष्य व कर्तव्य है।

क्या आप दीपावली का अर्थ जानते है?

“है रौशनी का यह त्यौहार, लाये हर चेहरे पर मुस्कान, सुख और समृद्धि की बहार, समेट लो सारी खुशियां अपनो का साथ और प्यार।।”

हम, आप और पूरा भारतीय समाज, बड़े ही उत्साह और हर्षो-उल्लास के साथ दीपावली का त्यौहार मनाता है लेकिन वास्तविकता ये है कि, बहुत कम लोगो को ही, दीपावली का सही अर्थ पता होता है इसलिए यदि आपको भी दीपावली का अर्थ नहीं पता हैं तो घबराने की कोई बात नहीं है क्योंकि हम, Deepawali Nibandh in Hindi में, आपको इसके पूरा अर्थ बतायेंगे।

दीपावली का अर्थ क्या है?

आइए अब हम, दीपावली के अर्थ को दर्शाने के लिए कुछ बिंदुओं की मदद लेंगे जो कि, इस प्रकार से हैं:-

  1. दीपावली, संस्कृत से लिया गया एक शब्द है जो कि, मूलत दो अलग-अलग शब्दो से मिलाकर बना है
  2. दीपावली संस्कृत भाषा के दीप + आवली’’ से मिलकर बना है जिसमें दीप का अर्थ दीपक से होता है और आवली का अर्थ श्रृंखला/पंक्ति से होता है।
  3. संस्कृत के दीप+आवली को मिला देने से “दीपावली’’ शब्द की प्राप्ति होता है जिसका अर्थ होता है – दीपों की श्रृंखला या दीपों की पंक्ति आदि।

उपरोक्त बिंदुओं की मदद से हमने अपने सभी पाठको व युवाओं को Deepawali Nibandh के माध्यम से विस्तार से दीपावली का क्या अर्थ होता है के बारे में, बताया लेकिन क्या आप जानते है कि, दीपावली कब मनाई जाती है?

दीपावली कब मनाई जाती है?

“दीप जगमगाते रहे, सबके घर झिलमिलाते रहे। साथ हो सब अपने, सब यूहीं ही मुस्कुराते रहें।।”

Deepawali पर निबंध हिन्दी मे हम, शुरुआती तौर पर ही कुछ बिंदुओं की मदद से आप सभी को बता देना चाहते है कि, दीपावली कब मनाई जाती है?

  1. दीपावली का त्यौहार कोई एक-दिवसीय अर्थात् 1 दिन का नहीं होता है बल्कि दीपावली का त्यौहार 5 दिनों तक बड़ी ही धूम-धाम के साथ मनाया जाता है अर्थात् हम, कहे सकते है कि, दीपावली का त्यौहार कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी से लेकर कार्तिक शुक्ल द्धितीय तक मनाया जाता है यानि पूरे सप्ताह पर दीपावली की धूम मची रहती है.
  2. पूरे भारतवर्ष में, दीपावली का भव्य व दिव्य त्यौहार, दशहरे के त्यौहार से ठीक 21 दिन बाद मनाया जाता है अर्थात् सितम्बर के अन्त से लेकर अक्टूबर के प्रारम्भ में, दीपावली का त्यौहार मनाया जाता है,
  3. दीपावली का त्यौहार जिस दिन मनाया जाता है वह दिन कार्तिक मास की अमावस्या होती है।

उपरोक्त बिंदुओं की मदद से हमने आप सभी को विस्तार से दीपावली कब मनाई जाती है कि, बिंदु दर जानकारी प्रादन की लेकिन क्या आपको बता है कि, दीपावली की विशेषता क्या होती है?

दीपावली की विशेषता क्या है?

दीपावली को त्यौहारों का त्यौहार कहा जाता है जिसके पीछे अनेको कारण है जिसे हमें, दीपावली की विशेषता कह सकते है जो कि, कुछ बिंदुओं की मदद से इस प्रकार से हैं:-

  • दीपावली के त्यौहार की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि, दीपावली का त्यौहार अन्य भारतीय त्यौहारों की भांति 1 या 2 दिन का नहीं होता है बल्कि दीपावली का त्यौहार 5 दिनों तक मनाया जाता है।
  • दीपावली के त्यौहार की विशेषता ये भी है कि, दीपावली के त्यौहार के साथ ही साथ 4 अन्य त्यौहारों का भी रंगारंग आयोजन किया जाता है।
  • मौसम के लिहाज से देंखे तो दीपावली का त्यौहार वर्षा ऋतु के खत्म होने और शरद ऋतु के प्रारम्भ होने का प्रमुख सूचक/संकेतक माना जाता है।
  • दीपावली के त्यौहार की सबसे बड़ी विशेषता ये है कि, दीपावली के त्यौहार पर मौसम गुलाबी रंग की चादर ओढ़ लेता है और चारों तक एक खुशनुमा ठंडक फैल जाती है जिसकी वजह से दीपावली के दौरान मौसम बड़ा ही मनोरम, आकर्षक और मनभावक बन जाता है।

उपरोक्त सभी बिंदुओँ की मदद से हमने आप सभी को दीपावली के त्यौहार की विशेषताओं के बारे में, बताया। लेकिन क्या आप दीपावली के इतिहास के बारे में, जानते है?

दीपावली का गौरवमयी इतिहास क्या है?

भारतीय सभ्यता व संस्कृति मे, हर घटना/उत्सव का एक इतिहास होता है ठीक इसी प्रकार से दीपावली के महा-त्यौहार का भी अपना एक गौरवमयी इतिहास है जिसे हमें, कुछ बिंदुओं के रुप में, प्रस्तुत करना चाहते हैं जो कि, इस प्रकार से हैं:-

  • बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक प्रभु श्री. राम की वापसी पर मनाई जाती है दीपावली

जैसा कि, हमने आपको बताया कि, दीपावली का त्यौहार पूरे भारतवर्ष का त्यौहार है जिसकी वजह से ही इसे त्यौहारों का त्यौहार कहा जाता है क्योंकि भारतवर्ष में, अति प्राचीनकाल से ही अलग-अलग रुपो में, दीपावली का त्यौहार मनाया जाता रहा है जिसको लेकर अलग-अलग धारणायें भी प्रचलित है।

लेकिन दीपावली का त्यौहार मनाने के लिए इस धारणा को सर्व-स्वीकृति व मान्यता प्रदान की जाती है कि, बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक-चिन्ह् अर्थात् प्रभु श्री. राम के द्धारा रावण का बध कर पृथ्वी को बुराई से मुक्ति देने और पिता की आज्ञानुसार 14 वर्ष के वनवास को पूरा करने पर घर वापसी के शुभ अवसर पर दीपावली का त्यौहार मनाया जाता है।

  • अमावस्या की काली अंधेरी रात को राम के आगमन पर जगमगा दिया गया था

जैसा कि, आप सभी जानते है कि, जिन प्रभु श्री. राम अयोध्या लौटे थे उस दिन अमावस्या का काली घनी अंधेरी रात थी लेकिन प्रमु श्री. राम के आगमन पर अयोध्यावासियों ने, अनेको प्रेम के दीपक जलाकर अमावस्या की रात को जगमग बनाकर अमावस्या की रात ही मुहं काला कर दिया था।

इस मौक पर बड़ पैमाने पर घी के दीपक जलायें गये थे और इसी वजह से इस पूरी घटना को दीपावली के नाम से जाना जाता है।

  • जैन धर्म के लोगो द्धारा दीपावली मनाने का इतिहास क्या है?

आइए अब हम, आप सभी को बता दें कि, दीपावली का त्यौहार बड़े ही हर्षो-उल्लास के साथ जैन धर्म के लोगो द्धारा भी मनाया जाता है क्योंकि इसी शुभ दिन जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर श्री. महावीर स्वामी को मोझ की प्राप्ति हुई थी।

और यह संयोग ही था कि, इसी दिन उनके शिष्य श्री. गौतम को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी।

  • सिख धर्म में, दीपावली का इतिहास क्या है?

सभी धर्मो के साथ ही साथ सिख धर्म में भी बड़े ही उत्साह के साथ दीपावली का त्यौहार मनाया जाता है जिसके पीछे का मूल इतिहास यह है कि, इस दिन पंजाब के अमृतसर में, साल 1577 में, जाकर गोल्डन टैम्पल अर्थात् स्वर्ण मंदिर’’ का निर्माण किया गया था और इसके साथ ही सिख धर्म के 6वें गुरु. गुरु हरगोबिंद सिंह जी को मुगल शासक जहांगीर द्धारा ग्वालियर के जेल से मुक्ति प्रदान की गई थी।

  • आर्य समाज के लिए भी दीपावली का बेहद खास इतिहास है?

हम, आप सभी को बता दें कि, आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानन्द सरस्वती जी व वेदान्त स्वामी रामतीर्थ को भी ज्ञान की प्राप्ति हुई थी आदि।

उपरोक्त बिंदुओँ की मदद से हमने आप सभी को विस्तार से दीपावली के इतिहास की गौरवमयी छवि को आपके सामने प्रस्तुत किया लेकिन क्या आप जानते है कि, दीपावली क्यों मनाई जाती है?

दीपावली क्यों मनाई जाती है?

जैसा कि, हमने अपने Deepawali Essay दीपावली निबंध, आप सभी को बताया कि, दीपावली के त्यौहार को मनाये जाने के अन्य कई कारण है जिन्हें हम, कुछ बिंदुओं के रुप में, प्रस्तुत करना चाहते हैं जो कि, इस प्रकार से हैं:–

  • बुराई पर अच्छाई का विजय पताका फहराने वाले राम, लक्ष्मण व सीता के लिए

जैसा कि, आप सभी जानते है कि, आदर्श पुत्र के एकमात्र उदाहरण अर्थात् प्रभु श्री. राम को उनके पिता द्धारा 14 वर्ष का वनवास दिया गया था और अपने वनवास काल के दौरान ही दुष्ट व दुराचारी राजा रावण द्धारा माता सीता का अपहरण कर लिया गया था जिसके परिणामस्वरुप प्रभु श्री. राम ने, रावण को युद्ध् में, हराकर सीता को मुक्त किया और इसी दौरान उनक वनवास के 14 साल भी पूरे हो गये थे इसलिए उनके आने के उपलक्ष्य में, समस्त अयोध्यावासियों द्धारा शुद्ध धी के दीये जलाकर अयोध्या में, छाई अमावस की काली अंधियारी रात को रौशन से भर दिया अर्थात् हम, संक्षिप्त में, कह सकते है कि, प्रभु श्री. राम, लक्ष्ण व माता सीता के घर लौटने के उपलक्ष्य में, दीपावली का त्यौहार मनाया जाता है व जिसे लोकप्रियता के तौर पर बुराई पर अच्छाई की विजय के रुप में, स्वीकार कर इसका उत्सव मनाया जाता है।

  • भगवान महावीर की मोझ-प्राप्ति के उपलक्ष्य में, भी दीपावली मनाया जाता है

यहां पर हम, आप सभी को बता दें कि, जैन धर्म के अनुसार इसी दिन भगवान महावीर जी को मोझ-प्राप्त हुआ था और इसी उपलक्ष्य में, जैन धर्म के लोग दीपावली का पावन त्यौहार मनाते है।

भारत में, आर्य समाज की स्थापना करने वाले स्वामी विवेकानन्द सरस्वती जी को इसी दिन निर्वान की प्राप्ति हुई थी जिसके उपलक्ष्य में, दीपावली का त्यौहार धूम-धाम से मनाया जाता है आदि।

उपरोक्त बिंदुओं की मदद से हमने आप सभी को विस्तार से दीपावली का त्यौहार क्यों मनाया जाता है की पूरी जानकारी प्रदान की लेकिन क्या आप जानते है कि, दीपावली के त्यौहार का महत्व क्या है?

दीपावली के त्यौहार का महत्व क्या है?

“दीवाली का ये पावन त्यौहार, जीवन में लाये खुशियां अपार। लक्ष्मी जी विराजे आपके द्धार, शुभकामनायें हमारी करें स्वीकार।।”

जब हम, बात करते है कि, दीपावली के महत्व की तो हमारे सामने एक बहु-आयामी महत्वों की सूची प्रकट हो जाती है जिससे स्वंयमेव दीपावली के त्यौहार का महत्व उजागर हो जाता है जिसे हमें, कुछ बिंदुओं की मदद से आपके सामने प्रस्तुत करना चाहते है जो कि, इस प्रकार से हैं:–

  • दीपावली का आध्यात्मिक महत्व क्या है?

आइए सबसे पहले हम, आप सभी को दीपावली के पावन त्यौहार के आध्यात्मिक महत्व से परिचित करवायें जिसके लिए हम, कुछ बिंदुओं की मदद लेंगे जो कि, इस प्रकार से हैं:-

  • दीपावली का त्यौहार अत्यन्त समृद्ध है क्योंकि दीपावली के त्यौहार में आध्यात्मिक, पौराणिक व ऐतिहासिक मूल्या का अनूठा संगम पाया जाता है,
  • दीपावली के त्यौहार का आध्यात्मिक महत्व इसलिए भी है कि, दीपावली के त्यौहार का पूरा प्रसंग बुराई पर अच्छाई की विजय, असत्य पर सत्य की विजय और साथ ही साथ मानवता व नैतिकता की नींव पर आधारित है,
  • दीपावली का त्यौहार मुख्य तौर पर हिंदूओं का त्यौहार कहलाता है लेकिन हिंदु धर्म के साथ ही साथ सिख और जैन धर्म के भी दीपावली को बड़े उत्साह के साथ धूम-धाम से मनाते है जो कि, इसके आध्यात्मिक महत्व को समृद्धता प्रदान करता है।
  • दीपावली का ऐतिहासिक महत्व क्या है?

आइए अब हम, आप सभी को कुछ बिंदुओँ की मदद से दीपावली के ऐतिहासिक महत्व की जानकारी प्रदान करें जो कि, इस प्रकार से हैं:-

  • दीपावली का सबसे बड़ा ऐतिहासिक महत्व तो यही है कि, इसी दिन अनेको गौरवमीय ऐतिहासिक घटनायें घटित हुई जिससे दीपावली का एक स्वतंत्र ऐतिहासिक महत्व स्थापित हुआ,
  • दीपावली का मौलिक व प्राथमिक ऐतिहासिक महत्व यह है कि, इसी दिन प्रभु राम, लक्ष्मण व सीता सहित पिता की आज्ञा पूरी करके 14 वर्षो का वनवास काट कर अयोध्या लौटे थे,
  • दीपावली के दिन ही समुन्द्र मंथन के दौरान धन की देवी अर्थात् माता लक्ष्मी का जन्म हुआ था,
  • वहीं दूसरी तरफ स्वामी रामतीर्थ का जन्म व महाप्रयाण दोनो दीपावली के दिन ही हुए थे,
  • स्वामी विवेकानन्द द्धारा दीपावली के पावन अवसर पर आर्य समाज की स्थापना की गई थी,
  • मुगल शासको में, सर्वाधिक ख्याति प्राप्त व लोकप्रिय शासक, राजा अकबर द्धारा अपने दौलत खाने में, 40 फीट ऊंचा आकाश दीप जलाकर दीपावली का त्यौहार मनाया गया था जिसका मूल लक्ष्य हिंदु व मुस्लिमों के बीच की कटुता को समाप्त करना था जिसमें काफी सफलता प्राप्त हुई थी और
  • अन्त में, महावीर स्वामी को इसी दिन मोझ की प्राप्ति हुई थी।

उपरोक्त बिंदुओं की मदद से हमने आपको दीपावली के ऐतिहासिक महत्व के बारे में बताया।

  • दीपावली का सामाजिक महत्व क्या है?

आइए अब हम, आप सभी को विस्तार से दीपावली के सामाजिक महत्व के बारे में, कुछ बिंदुओं की मदद से बताते है जो कि, इस प्रकार से हैं-

  • दीपावली का त्यौहार, सामाजिक संबंधो की मजबूती का प्रतीक है,
  • दीपावली का त्यौहार, सभी धर्मो, वर्गो व सम्प्रदायों द्धारा मिल जुल कर मनाया जाता है,
  • दीपावली के त्यौहार वाले दिन सभी परिवार एकजुट होकर पूजा करते है और आपसी संबंधो अटूट एकता के बंधन में, बांध देते है,
  • दीपावली सामाजिक सद्भभावना का भी प्रतीक है क्योंकि इस दिन हम, अपने नाते-रिश्तेदारों से मिलने जाते है,
  • दीपावली का सामाजिक महत्व ये भी है कि, इस दिन लोग आपसी मन मुटाव को मिटाकर एक दूसरे का मुंह मीठा करके एक नये रिश्ते की शुरुआत करते है आदि।

उपरोक्त बिंदुओं की मदद से हमने आप सभी को विस्तार से दीपावली के सामाजिक महत्व से परिचित करवाया।

इन्हे भी जरूर पढ़े:-

  • दीपावली का आर्थिक महत्व क्या है?

दीपावली के अन्य महत्वो में, आर्थिक महत्व बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है जिसे हम, कुछ बिंदुओं की मदद से आपके सामने प्रस्तुत करना चाहते हैं जो कि, इस प्रकार से हैं-

  • दीपावली का त्यौहार हमारे बाज़ारों की चका-चौंध को और भी जीवन्त बना देता है,
  • इस दौरान बड़े पैमाने पर खरीददारी की जाती है जिससे दुकानदारों की चांदी हो जाती है,
  • दीपावली के त्यौहार वाले दिन बड़े पैमाने पर खरीददारी करने के पीछे एक हिंदू मान्यता यह भी है कि, इस दिन खरीददारी करने से घर में, लक्ष्म का प्रवेश होता है,
  • दीपावली के त्यौहार वाले दिन भारतीय घरो में उपहार, सोने-चांदी के आभूषण, बर्तन, राशन का सामान मिठाईयां खरीदते है,
  • दीपावली के त्यौहार का सरकारी व प्राइवेट नौकरी करने वाले लोगो को बेसब्री से इंतजार रहता है क्योंकि इस दिन उन्हें बोनस दिया जाता है।

उपरोक्त सभी बिंदुओँ की मदद से हमने आप सभी को दीपावली के त्यौहार के बहु-आयामी महत्व से परिचित करवाया लेकिन क्या आप जानते है कि, दीपावली का त्यौहार कैसे मनाया जाता है?

दीपावली का त्यौहार कैसे मनाया जाता है?

दीपावली के त्यौहार को बड़े ही धूम-धाम व भव्यता और दिव्यता के साथ मनाया जाता है जिसे हम, कुछ बिंदुओँ की माध्यम से प्रकट करना चाहते है जो कि, इस प्रकार से हैं:-

  1. दीपावली के आने से पहले ही उसके आने की खबर हमारे भारतवासियों को रोमांचित कर देती है
  2. दीपावली आने के काफी समय पहले ही बाजारो में, रौनक बढ़ जाती है और खरीददारी शुरु हो जाती है
  3. दीपावली के आने से पहले ही घर की बड़े व व्यापक स्तर पर साफ-सफाई शुरु कर दी जाती है
  4. दीपावली के दिन पूरा परिवार मिलकर सबसे पहले अपने घरो में, देवी लक्ष्मी की पूजा करते है फिर आस-पड़ोस में, मिठाईयों बांटकर अपने आसानी संबंधो को मजबूत करते है
  5. इसके बाद पूरा परिवार मिलकर घर को दीपों की सकारात्मक रौशनी से जगमगा देता है
  6. घर के बच्चो सहित बुजुर्ग भी दीपावली की आतिशबाजी का पूरा आनन्द व रोमांच प्राप्त करते है।

उपरोक्त बिंदुओं की मदद से हमने आपको बताया कि, दीपावली का त्यौहार कैसे मनाया जाता है लेकिन क्या आप जानते है कि, विदेशो में, दीपावली कैसे मनाई जाती है?

दीपावली का त्यौहार विदेशों में कैसे मनाया जाता है?

हमारे लिए यह एक बड़े ही गौरव की बात है कि, दीपावली का त्यौहार भारत के साथ ही साथ विश्व के अनेको देशों में बड़े ही धूम-धाम के साथ मनाया जाता है और इसी वजह से हमें, दीपावली के भारतीय त्यौहार को अन्तर्राष्ट्रीय त्यौहार भी कह सकते है।

विदेशो में, दीपावली का त्यौहार किस प्रकार मनाया जाता है इसे हम, कुछ बिंदुओं की मदद से प्रस्तुत करना चाहते है जो कि, इस प्रकार से हैं:-

1. मलेशिया में कैसे मनाई जाती है दीपावली?

  • दीपावली के दिन सरकार द्धारा सार्वजनिक अवकाश प्रदान किया जाता है
  • सभी धर्मो  के लोग मिलजुकल बड़े ही धूम-धाम से दीपावली का त्यौहार मनाते है
  • मानवता का परिचय देते हुए दीपावली के दिन सभी लोगो द्धारा मिलजुल कर सभी लोगो के लिए भोजन की व्यवस्था की जाती है
  • मलेशिया में, दीपावली के त्यौहार को सामाजिक सद्भभावना के प्रतीक के तौर पर मनाया जाता है।

2. अमेरिका में, कैसे मनाई जाती है दीपावली?

  • अमेरिका में, भारतीय मूल के लोगो द्धारा बडी ही दिव्यता व भव्यता के साथ दीपावली का त्यौहार मनाया जाता है
  • हमारी भारतीय संस्कृति व सभ्यता के लिए गौरव की बात है कि, साल 2003 में, अमेरिका के व्हाइट हाऊस में, पहली बार दीपावली का त्यौहार मनाया गया था
  • पूरे अमेरिका में दीपावली के त्यौहार को धूम-धाम से मनाया जाता है।

3. पड़ोसी देश नेपाल में, कैसे मनाई जाती है दीपावली?

  • नेपाल में, दीपावली का त्यौहार बड़े ही हर्षो-उल्लास के साथ मनाया जाता है
  • नेपाल में, दीपावली के दिन ही नव वर्ष का उत्सव मनाया जाता है
  • दीपावली के दिन नेपाल के लोग प्रकृति के करीब जाकर पशु-पक्षियों को खाना खिलाते है।

4. सिंगापुर में, कैसी होती है दीपावली की धूम?

  • दीपावली के दिन दिन सभी सिंगापुरवासियों को राजपत्रित अवकाश प्रदान किया जाता है
  • सिंगापुर में, रहने वाले भारतीय मूल के तमिल समुदाय द्धारा बड़े ही धूम-धाम के साथ दीपावली का त्यौहार मनाया जाता है
  • सिंगापुर के बाजार जीवन्त हो उठते है
  • दीपावली के उपलक्ष्य में, भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है आदि।

5. मॉरीशस में, कैसे मनाया जाता है दीपावली का त्यौहार?

  • मॉरीशस में, 44 प्रतिशत भारतीय मूल के लोग रहते है जिनके द्धारा व्यापक स्तर पर बड़े ही धूम-धाम के साथ दीपावली का त्यौहार मनाया जाता है और आपसी संबंधो को मजबूती प्रदान की जाती है आदि।

6. श्री लंका में, कैसे मनाई जाती है दीपावली?

  • भारतीय त्यौहार दीपावली के उपलक्ष्य में, श्री. लंका में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाता है
  • बड़े पैमाने पर भारतीय मूल के तमिल समुदाय के लोगो द्धारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है
  • दीपावली के पावन मौके पर महालक्ष्मी की पूजा-अर्चना की जाती है 
  • दीपावली के प्रतीकस्वरुप बड़े पैमाने पर दीपक जलायें जाते है आदि।

उपरोक्त बिंदुओं की मदद से हमने आप सभी को दीपावली का त्यौहार विदेशों में, कैसे मनाया जाता है के बारे में, पूरी जानकारी प्रदान की।

उपसंहार:

बुराई पर अच्छाई की विजय स्वरुप मनाये जाने वाले दीपावली का त्यौहार अर्थात् त्यौहारों के त्यौहार दीपावली की जानकारी हमने Deepawali Essay in Hindi में, प्रदान की ताकि आप सभी दीपावली के त्यौहार की बेहतर जानकारी प्राप्त कर सकें और मिलजुल कर इस दिव्य-भव्य व धूम-धाम से भरपूर त्यौहार का आनन्द, उत्सव और रोमांच प्राप्त कर सकें क्योंकि यही हमारे इस आर्टिकल का लक्ष्य है।

अन्त हमें, उम्मीद है कि, आपको हमारा ये आर्टिकल जरुर पसंद आया होगा, आप हमारे इस आर्टिकल को दीपावली निबंध लाइक करेंगे, शेयर करेंगे और अपने विचार व सुझाव हमें, कमेंट करके बतायेंगे ताकि हम, इसी तरह के आर्टिकल आपके लिए लाते रहें।

 

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